कांग्रेस की भीतरी रार और गिरता जनाधार
दो ध्रुवीकरण के बीच फंसी प्रदेश कांग्रस भीतरी रार और गिरते जनाधार के संकट से जूझ रही कांग्रेस ने एक बार फिर से खुद को एकजुट दिखाने का प्रयास किया है। इसके बावजूद भी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। शनिवार को हुए कांग्रेस के दो विरोध कार्यक्रमों को देखकर ये बात साफ-साफ समझ में आ गई कि प्रदेश कांग्रेस और भीतरी रार और टूटते जनाधार से जूझ रही है। ऐसे में अगर सक्रियता नहीं दिखाई गई तो वो दिन दूर नहीं जब कांग्रेस भी दूसरी पार्टियों की तरह हाशिए पर आ जाएगी। मुद्दे भी नहीं मिल रहे खोजे - कांग्रेस के कद्दावरों को अब प्रदेश में मुद्दे नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि महज आईपीएल को लेकर लंगी मारने खेल मंत्री के घर पहुंच गए। तो वहीं गेस्ट हाउस के पास जाकर झीरम घाटी की सीबीआई जांच की मांग करके गंगा स्नान कर लिया। जब कि प्रदेश में मुद्दों की पूरी माला पड़ी है। किसानों की आत्महत्याएं, मुआवजे के नाम पर मजाक और आदिवासियों की हत्याएं,बिगड़ती व्यवस्था, नान घोटाला, शिक्षा की बदतर व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर असुविधाएं, हेलमेट और ...