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वाह रे बिलासपुर के रेलवे अधिकारी.....

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पहले उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के परिजनों को रिजर्वेशन को लेकर परेशान किया,और अबकी बार तो प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों तक को संकट में डाल दिया। इन जांबाज अधिकारियों ने नरेंद्र मोदी की बुलेट प्रूफ कारों को भी रोकने से गुरेज़ नहीं किया लिहाजा प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को परिवर्तित किया जा सकता है। इतने के बाद अब जांच के नाम पर नाच शुरू है और हो रही है ता-ता-थैया।

ऐसे मानवाधिकार पर धिक्कार

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नक्सलियों ने जबरन लगाई जनअदालत में जिस निर्दोष सदाराम की पीटने के बाद गला रेतकर हत्या की। उसके बाद कोई भी मानवाधिकारवादी कुछ नहीं बोला, मगर जैसे ही पुलिस बल के जवान बीस नक्सलियों को मार गिराते हैं तो इन निकम्मों के पेट में दर्द पैदा हो जाता है। चले आते हैं थोबड़ा उठाए....वास्तव में खेत, खलिहार, किसान, जवान और इंसान के सबसे बड़े दुश्मन हैं। ऐसे गद्दारों पर सरकार को विधि सम्मत कार्रवाई तत्काल करनी चाहिए।

हवा में उड़ा सरकार का दावा

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जी हां छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों का दावा शुक्रवार को आए तूफान में उड़ गया। इसके शिकार बने 57 लोग घायल बताए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने 53 के घायल होने की पुष्टि भी कर दी है। दावा था कि ये डोम हवा में नहीं उड़ सकता। डोम आज तूफान में उड़ गया। इसके चलते ही प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भी स्थगित हो गया। फोटो में आप खुद ही देख लीजिए।

अरे वाह रे.... मेकाहारा के दूसरे भगवान...!

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 प्रदेश के सबसे बड़े डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के दूसरे भगवान... लेने पर तुले हैं एक नवजात की जान। देखकर कहना पड़ रहा है कि वाह... रे दूसरे भगवान.... खुद के लिए एसी और नवजात को छोड़ दिया गैलरी में? मामला 29 अप्रैल का है जब एक नवजात को उसकी नानी के साथ गैलरी में सुला दिया गया ये कहकर कि वार्ड में बेड खाली नहीं है। आप ही बताइए कि ये कहां तक जायज है? एक नवजात की गुहार...प्लीज़  जरा इधर भी देख लीजिए एक बार -

अंबेडकर अस्पताल के दूसरे भगवान... लेने पर तुले हैं एक नवजात की जान

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प्रदेश के सबसे बड़े डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के दूसरे भगवान... लेने पर तुले हैं एक नवजात की जान। देखकर कहना पड़ रहा है कि वाह... रे दूसरे भगवान.... खुद के लिए एसी और नवजात को छोड़ दिया गैलरी में?

सीताफल के बीज से कैंसर व डायबिटीज पर कंट्रोल संभव

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बिलासपुर (छत्‍तीसगढ़)। बिलासपुर विश्वविद्यालय यूटीडी के माइक्रोबायोलॉजी और बायोइनफॉरमेटिक्स विभाग के प्रोफसरों ने कैंसर व डायबिटीज को कंट्रोल करने का तरीका ढूंढ लिया है। उनके शोध के मुताबिक सीताफल का बीज रोगों से लड़ने की शक्ति यानी इम्युन सिस्टम को बढ़ाता है। इसके सेवन से कैंसर व डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है। इस शोध के परिणाम को पेटेंन कराने का प्रयास चल रहा है। इसके बाद दवा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। माइक्रोबायलॉजी एवं बायोइनफॉरमेटिक्स विभाग के एचओडी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीएसवीजीके कलाधर ने बताया कि छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिसा और महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों के फल और पौधों पर काफी समय से शोध चल रहा था। इसमें पता चला कि सीताफल के बीज से इम्युन सिस्टम को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। यह कैंसर और डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी कारगर होगा। वहीं, सीताफल का खाया जाने वाला भाग उतना कारगर नहीं है। बीज में कई गुण सीताफल के बीज मेकई गुण हैं। इसमें प्राकृतिक एंटीअक्सीडेंट विटामिन सी बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। विटामिन सी में शरीर के इम्युन सिस्टम ...

मित्रों... रामनवमी को मेरे अजीज दोस्त...रायपुर के अशोका सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. ए. सुरेश कुमार और डॉ. रत्ना अग्रवाल तथा डॉ. संजय एन. पाटिल और डॉ. पीएसआर मूर्ति की टीम ने उत्तर मध्य भारत में पहली बार एक महिला के अंडाणुओं में से कोशिका द्रव्य निकाल कर दूसरे स्वस्थ अंडाणु में स्थानांतरित करने की तकनीक विकासित की। पूरी टीम को हार्दिक बधाई। डॉ. ए . सुरेश कुमार ने छत्तीसगढ़ को ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर मध्य भारत की जनता को अपनी सफलता समर्पित की है। इससे उन महिलाओं को लाभ मिलेगा जिनकी उम्र तो ज्यादा हो गई मगर वे मां बनने से वंचित हैं।

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