टूटी हड्डियां जोड़ने वाली लता

टूटी हड्डियां जोड़ने वाली लता
रमेश प्रताप सिंह की विशेष रिपोर्ट
विधारा एक ऐसी लता है जिसकी उपयोगिता को लेकर अभी भी अनुसंधान होना बाकी है. यह तो पहले ही सामने आ चूका है कि यह घावों को भरने वाली एक नायाब लता है. इसके पत्तों का रस हर प्रकार के घावों को भर देता है. मैंने तकरीबन दस साल पहले एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट लिखी थी . पश्चिमी बंगाल के वर्धमान जिले में गुडाप स्टेशन के पास ही एक आदमीं एक लता बांधकर टूटी हड्डियां जोड़ने का दवा करता है. यहाँ काम उसका पुश्तैनी काम है. इसकी एवज में वह मात्र एक रुपये लेता है. भीड़ भी खूब जुटती है. लोग सैकड़ों किलोमीटर से जा -जा कर लता बंधवाते हैं. बड़ी संख्या में लोगों को फैदा भी होता है. इसके बाद जब हड्डी जुड़ जाती है तो उनके पीर साहब के दरबार में मिट्टी का घोड़ा चढ़ाना होता है.
 मैंने वहाँ जाकर इसका प्रभाव भी देखा, बात सच निकली. लता का नाम पूंछने पर पहले तो वो आनाकानी करता रहा. मैं दूसरे दिन पहली ट्रेन पकड़ कर जा पहुंचा उससमय वहाँ उसके आदमीं इसी लता की पट्टियां हटा रहे थी ताकि कोई इसको पहिचान न सके. पून्चाने पर उन्हों ने इसका नाम चोतासग्गा बताया था. बाद में जब ग्रंथून को खंगाला तो यह विधारा निकली.इससे गलित कुष्ठ के घाव भी भर जाते हैं. रोगी को आराम भी खूब मिलता है. यह प्रमाणित है. यही नहीं इस लता में तमाम गुण हैं जिनपर अभी भी शोध होना बाकी है.अगर शोध किये जाएँ तो काफी उत्साहजनक परिणाम सामने आ सकते हैं.
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