जडी बूटियों का जादू
भारंगी का डंडा लेकर चलने से नहीं होता अस्थमा !
रमेश प्रताप सिंह

इसको ब्रम्हा दंड कहा जाता था. इसके पीछे कारण यह था कि इस भारंगी के डंडे को लेकर ब्रह्मण सिर्फ इसी लिए चलता था कि यह उसको अस्थमा जैसी बीमारियों से बचाता था. यह आज भी शोध का विषय हो सकता है कि इसकी लकड़ी में ऐसी कौन सी गंध है या ऐसा कौन सा रसायन निकलता है  जो उस डंडे को लेकर चलने वाले को अस्थमा से बचाता है. यह बात काफी खोजा बीन के बाद प्रतापगढ़ यूपी की पट्टी तहसील में पड़ने वाले दाउदपुर के  कुंडा  नमक आश्रम के महंत बाबा ब्रह्मानंद  थे , उन्होंने इसका खुलासा किया था. उस समय बात मेरी समझ में नहीं आयी थी मगर जब इस का अध्ययन किया तो बात सामने आयी . धन्वन्तरी के एक बहुत पुराने अंक के पन्ने पलटते-पलटते मुझे यह जब पढ़ने को मिला तो मुझे बाबा ब्रह्मानंद जी याद आये .यह वास्तव में सही है कि यदि कोई आदमी इस डंडे को लेकर चले और उसको अस्थमा हो तो भी फ़ायदा देखने को मिला है.यह अनुभूत है.


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