अमर शहीदों का संसद से सवाल


एक और देश की संसद में खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को लेकर महाबहस जारी हैं तो दूसरी और 30 जुलाई  1857 के संग्राम में  अमृतसर के पास  अजनाला के कालियां वाला खूह में शहीद हुए 282 शहीदों की अस्थियाँ मिली हैं यानि शहीदों से भी ये अन्याय देखा नहीं गया और उनकी अस्थियाँ बगावत करके बाहर निकल आयीं ! आज देश की संसद से लगा की वे अस्थियाँ चीख-चीख कर पूंछ रही हैं ये सवाल कि ऐसा तुम क्यों कर रहे हो मेरे लाल ? मगर इनके सर पर तो अमेरिकी डालरों का भूत सवार है। लिहाजा इनको उन अमर शहीदों की आत्मा की आवाज सुने नहीं दे रही। दोस्तों यही इस देश का दुर्भाग्य है।  मगर संतोष है की चलो  155 वर्ष के बाद हमारे इन जांबाज पुरखों को  'आत्मिक आजादी' मिली है। मंगलवार को इतिहासकार सुरिंदर कोछड़ व उसके साथियों ने इस खूह [एक बड़ा कुआं] के एक कोने की खुदाई की। थोड़ी खुदाई के दौरान ही शहीदों की अस्थियां मिल गई। कोछड़ के अनुसार खूह काफी गहरा है। यह खूह मुगलई ईटों से बना है। इसकी दीवारें दो से तीन फुट चौड़ी हैं।

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