56 इंच के सीने का दम और दहशत का ट्रेलर



-56 इंच के सीने वाले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उरी में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना ने घर में घुसकर पाकिस्तान को दहशत का ट्रेलर दिखा दिया है।  10 दिनों के दौरान सैकड़ों घंटों तक बंद कमरे में बदमिजाज पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाने के लिए 28-29 सितंबर की दरम्यानी रात चुनी।  चार घंटे के इस ट्रेलर में भारत ने यह बता दिया कि यदि पाकिस्तान अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो आने वाले दिन उसके लिए और भारी पड़ेंगे।
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आर.पी. सिंह-






लगातर परमाणु हमले की धमकियां देने वाले पाकिस्तान और उसके आतंकी आ$काओं की बढ़ती मनमानी से आजिज़ आकर आखिरकार हमारे सैनिकों ने उसको उसकी असली औ$कात दिखाई। लगातार हम पर प्रहार करने वाले पाकिस्तानी हुक्मरानों और उनके आतंकी आ$काओं को 56 इंच के सीने वाले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उरी में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना ने घर में घुसकर पाकिस्तान को दहशत का ट्रेलर दिखा दिया है।  10 दिनों के दौरान सैकड़ों घंटों तक बंद कमरे में बदमिजाज पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाने के लिए 28-29 सितंबर की दरम्यानी रात चुनी।  चार घंटे के इस ट्रेलर में भारत ने यह बता दिया कि यदि पाकिस्तान अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो आने वाले दिन उसके लिए और भारी पड़ेंगे।
पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की खबर के बाद भारतीय शेयर बाजार की तबियत नासाज़ हो गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 फीसदी से ज्यादा टूट गए। सेंसेक्स में 465.28 अंक की गिरावट देखने को मिली। वहीं निफ्टी करीब 153.90 अंकों की गिरावट के बाद 8591.25 के स्तर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि भारतीय शेयर बाजार में सुबह से ही बढ़त देखने को मिल रही थी। करीब 2.15 बजे सेंसेक्स 409 अंकों की गिरावट के साथ 27883 के स्तर पर और निफ्टी 130 अंकों की गिरावट के साथ 8614 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी में शुमार शेयरों में से 5 हरे निशान में और 46 शेयर गिरावट के साथ बंद हुई।

पाकिस्तानी सेना ने फिर तोड़ा सीजफायर
भारतीय सेना ने कल रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड तबाह कर दिए।  स्पेशल फोर्सेज के कमांडो ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए आतंकियों के 8 कैंप तबाह कर दिए।  करीब 4 घंटे चले इस ऑपरेशन में 38 आतंकी मारे गए।  आतंकियों को बचाने के चक्कर में 2 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए।
ताजा घटना से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है।  दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।  पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार और सेना को बधाइयां मिल रही हैं तो पाकिस्तान की फौज इससे इनकार कर रही है कि भारतीय सेना ने उसकी जमीन पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है।
बीते 18 सितंबर को उरी में सेना हुए आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार पर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा था।  पीएम मोदी ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को घेरने की कोशिश की।  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यूएन के मंच से आतंकवाद के मोर्चे पर पाकिस्तान को आइना दिखाया तो पीएम मोदी ने सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दक्षिण एशियाई देशों के मंच पर भी अलग-थलग कर दिया।
इस दौरान पीएम मोदी और उनके सिपहसालार पाकिस्तान पर निशाना साधते रहे।  मोदी ने बात-बात पर परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के हुक्मरानों को वहां के अवाम की तंगहाली को लेकर पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधा तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पाकिस्तान के खिलाफ जंग को लेकर तल्ख तेवर दिखाए।  भारत ने सिंधु नदी समझौता तोडऩे और पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस लेने की चेतावनी देकर पड़ोसी मुल्क को घेरने की कोशिश की।

उरी हमले के बाद एक मीडिया ग्रुप ने दावा किया था कि भारतीय कमांडो ने 20-21 सितंबर की रात पीओके में घुसकर आतंकियों के 3 कैंप तबाह कर दिए।  इस दौरान 20 आतंकियों के मारे जाने का दावा भी किया गया।  लेकिन सेना की ओर से इसकी पुष्ट?ि नहीं की गई।  तब से लेकर अबतक सेना की किसी हलचल के बारे में मीडिया में खबर नहीं आ रही थी।

पीएम मोदी ने केरल में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जब पाकिस्तान को गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी के साथ आतंकवाद पर घेरा तो उसके एक दिन पहले ही वो नई दिल्ली में तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मिले थे।  उम्मीद थी कि वो पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिए जाने के मसले पर कुछ सख्त लहजे में बोलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गुरुवार को जब डीजीएमओ रणबीर सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी सार्वजनिक की तो देश की जनता को पता चला कि सेना ने पाकिस्तान की जमीन में घुसकर हमला किया है।  उरी हमले के 10 दिन बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर देश में जश्न है तो शहीदों के परिजनों ने भी खुशी जाहिर की है।  लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि क्या भारत सरकार ने उरी हमले का बदला ले लिया है।  सरकार और सेना की ओर से की गई अब तक की कार्रवाई पड़ोसी मुल्क को सबक सिखाने के लिए पर्याप्त है?
भारत को अभी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे आतंक के आकाओं के खिलाफ कार्रवाई करना बाकी है।  लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद और जैश-ए-मुहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर आए दिन भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं।  सरहद से सटे पाकिस्तानी सेना की उन चौकियों की पहचान कर उन्हें तबाह करना भी जरूरी है जहां से भारत के खिलाफ आतंकी लॉन्च किए जाते हैं।
इससे एक बात तो तय है कि अगर अब पाकिस्तान के हुक्मरान आतंक की भाषा बोलते रहे तो निश्चित है कि उनका वही हश्र होगा जो ईराक और अफगानिस्तान और सीरिया का हुआ। इनको पूरी दुनिया में कहीं भी सिर छुपाने की पनाह नहीं मिलेगी।

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