चीन की चाल पर सवाल





किसी भी राष्ट्र को मजबूत बनाने में वहां की अर्थ व्यवस्था और सामाजिक सुदृढता जितनी जरूरी होती है। उससे कहीं ज्यादा जरूरी होती है उसकी सुरक्षा। सरकार कोई भी हो मगर जब तक वो अपने देश और समाज के लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं दिलाती हमेशा ही वहां संकट बना रहता है। हर देश का नागरिक यही चाहता है कि उसका देश  खुशहाल रहे। लोग वहां सुरक्षित रहें, सभी को समान अधिकार मिलें। ऐसे में मेक इन इंडिया के अभियान को आगे ले जाते हुए देश के प्रधानमंत्री ने रूस के साथ रक्षा सौदों को कर के एक प्रकार से सेना की खाली पड़े तरकश को अस्त्रों-शस्त्रों  और सैन्य साजो सामनों से कश दिया। अभी तक जितने भी सौदे हुए हंै अगर इतने सारे हथियार हमारी सेनाओं को मिल जाएं तो पाकिस्तान तो क्या दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकतें भी एक बार हमारी सीमाओं की ओर देखने से पहले सत्ताइस बार सोचेंगी। रूस की ट्रंफ मिसाइलें इस दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इसके अलावा मल्टीरोल कामोव हेलीकॉप्टर और पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान एवं मिनी ब्रम्होस जैसे सैन्य हथियारों को पाकर हमारी सेना की प्रहार क्षमता में अभूतपूर्व ईजाफा होगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने रूस के साथ हाईस्पीड रेल समझौता करके चीन की जिस तरह मुश्कें कसी उससे हमारे प्रधानमंत्री की रणनीतियों का भी पता चलता है। ब्रिक्स सम्मेलन में आने से पहल ही चीन ने ये बात स्पष्ट कर दिया था कि उसका रुख आतंकी अजहर मसूद और भारत की एनएसजी में सदस्यता का विरोध करने की रहेगी। इसी बात के विरोध में भारत में चीन के सामानों की बिक्री कम होती जा रही है। इससे चिंतित चीनी मीडिया ने भारत को छिपी धमकियां देना शुरू कर दिया था। उनको ये पूरी उम्मीद थी कि हम भारत में हाईस्पीड रेल के बड़े ऑडर पर हाथ फेरने में कामयाब होंगे ही। तो हमारे प्रधानमंत्री ने ये ऑर्डर भी रूसी राष्ट्रपति को थमाकर अपनी दोस्ती का एक तोहफा और दे डाला। इसके बाद अब भारत को वियतनाम और जापान से अपनी नजदीकियों को बढाना होगा। तो वहीं कोशिश ये करनी होगी कि चीन में चलने वाली जापानी कंपनियों को किसी भी तरह से खींच कर भारत में लगवाया जाए। इसके बाद तब जाकर चीन को उसकी असली औ$कात पता चलेगी। यहां ये बात तो पूरी तरह से साफ हो चुकी है कि चीन पाकिस्तान को छोड़कर भारत के साथ कभी भी नहीं आने वाला। ऐसे में भारत को भी चीन के साथ कोई संबंध रखने से पहले पूरी सावधानी बरतनी होगी।

Comments

Popular posts from this blog

पुनर्मूषको भव

कलियुगी कपूत का असली रंग

बातन हाथी पाइए बातन हाथी पांव