खाने वाला सिर लेगा पीट देखकर ये रेडी टू ईट





गरीबों के बच्चों के खाने में कैसे मारी जा रही है डंडी इसका जीता जागता नमूना देखना हो तो किसी भी शाला में जाकर देख लो उठाकर हांडी। रायगढ़ जिले का हाल देखकर हम तो हिले, जहां 13 समूहों के 56 में से 33 सैम्पल पाए गए फेल, इससे साफ समझ में आ जाता है कि कैसे खेला जा रहा है खाने के नाम पर खेल। गरीबों के बच्चों के स्वास्थ्य का निकाल कर तेल, मचाए हुए हैं भ्रष्टाचार की रेलमपेल। उधर ये लोग रहे हैं खाने में डंडी मार तो इधर चुप्पी साधे बैठी है सुराज की सरकार। ऐसे में सवाल तो यही है कि आखिर कब मिलेगा गरीबों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त खाना...साहब जरा मंत्री जी से पूछ कर बताना।
फूड की पौष्टिक्ता पर उठे सवाल, 56 में से 33 सैम्पल फेल


 रायगढ़ । जिले में संचालित स्व सहायता समूह की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटे जा रहे रेडी टू ईट खाद्य पदार्थ पौष्टिक्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ चुके हैं।  अलग-अलग जगहों से लिए गए इनके 56 सैंपल में से 33 सैंपल फेल हो गए हैं।  महिला बाल विकास विभाग ने 13 समूहों के कॉन्ट्रेक्ट को निरस्त कर दिया है।  खाद्य एवं पोषण आहार बोर्ड के तय मापदंडों के मुताबिक प्रति 100 ग्राम रेडी टू ईट खाद्य पदार्थ में प्रोटीन की मात्रा 11. 4 ग्राम से कम नहीं होनी चाहिए।  लेकिन जिन 33 समूहों के सैंपल फेल हुए हैं उसमें प्रोटीन की मात्र 9 ग्राम से 10 ग्राम तक पाई गई है।  डॉक्टर्स एनालिटिकल लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड मुंबई ने सैम्पल को अमानक बताया है।

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