हादसे को न्यौता दे रहीं अवैध पटाखा दुकानें



फोटो- पेज-१ में
जगदलपुर। जिले में पटाखे की दुकान लगाने के लिए हर साल प्रशासन के तय मानदंडों के तहत बाजार लगाया जाता हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने जिस लापरवाही के साथ पटाखा बाजार लगाने की अनुमति दी है, उससे हादसा हो सकता है।
ताज्जुब इस बात पर है कि इतने संवेदनशील मामले को लेकर प्रशासन ने पूरी तरह से आंखे मूंद रखी हैं।  तीन किलोमीटर के दायरे में फैले जगदलपुर शहर के हाता मैदान में पटाखा व्यापार करने के लिए दुकानों का आवंटन किया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पटाखा दुकानों को लगाने के लिए टीन के शेड से दुकानों को तैयार किया जाना चाहिए, मैदान में बनाए गए पटाखा दुकानों को व्यापारियों ने कपडे ओर टेंट के जरिए ही बना दिया है।
जिले के कलेक्टर हीरालाल नायक ने व्यवस्तता का बहाना करते हुए बात करने से मना कर दिया।



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