रेल टिकटों पर मिल रही सब्सिडी छोड़ें लोग: रेल मंत्री
कोहरे के असर से रेंग रही रेल को ठेल रहे मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि लोग अब भारतीय रेल में मिलने वाली 43 फीसदी सब्सिडी छोड़ दें। हमारी सरकार की टीम ने पहले ही इसकी आशंका जताई थी। नोटबंदी की मार झेल रही देश की जनता की जेब पर प्रधानमंत्री के बाद अब रेलमंत्री ने भी अपनी कैंची चला दी। ऐसे में रेल के यात्री किराए की दरें आसमान छूने लगेंगी। इससे आम जनता को भारी नुकसान होगा। सवाल तो यही है कि क्या यही हैं अच्छे दिन? इस अच्छे दिन का नारा देकर सरकार ने जनता को बेचारा और बेसहारा बना दिया।
नई दिल्ली।
रेलवे बोर्ड के सामने रखा प्रस्ताव-
भारतीय रेलवे का मुनाफा बढ़ाने के उद्देश्य से सुरेश प्रभु ने यह प्रस्ताव दिया है। जिसमें मर्जी से रेलवे सब्सिडी को छोडऩा, वीकेंड पर स्पेशल ट्रेन और आखिरी समय में खाली बर्थ पर छूट देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक रेलमंत्री ने यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के सामने रखा है, जिसमें कुछ पर विचार किया जाएगा। हालांकि सूत्रों ने कहा कि यह काफी मुश्किल लगता है कि लोग उनके किराए में मिलने वाली सब्सिडी छोडऩे को तैयार होंगे।
रेलवे ई-टिकट का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू
हाल ही में रेलवे ने ई-टिकट का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें कुछ समय के लिए अब हर टिकट पर लिखा होगा कि भारतीय रेलवे आपसे कुल लागत का औसतन 57 फीसदी किराया वसूल रहा है। ऐसा करने से लोगों को पता लगेगा कि प्रत्येक टिकट पर 43 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है।
आय बढ़ाने पर दिया जा रहा जोर
रेलवे अब अपनी आय बढ़ाने पर जोर दे रहा है जिसके अंतर्गत सब्सिडी वाली योजना को कुछ स्लैब्स के लिए लागू किया जा सकता है जिसका मतलब लोगों को यह ऑप्शन दिया जा सकता है कि उन्हें सब्सिडी छोडऩी है या नहीं। साथ ही आय बढ़ाने के लिए राजधानी और शताब्दी ट्रेनों पर विशेष किराए के लिए जोर दिया जा रहा है। वहीं ट्रेन में बची बर्थों को आखिरी समय में बुक करने पर 10 प्रतिशत की छूट देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे खाली सीटों का उपयोग हो सके।
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