सरकार की सराहनीय पहल




हाईटेक युग में हांड़ी में जिंदगी देखकर किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाएगा।ऐसा नज़ारा जगदलपुर के आदर्श ग्राम पोंदुम में अब आम हो चुका है। यहां दो हजार की आबादी निवास करती है। ये लोग अपने बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए एल्युमिनियम की बड़ी-बड़ी हांड़ी में डाल कर डंकिनी नदी पार कराते हैं। शिक्षा के लिए इन गरीब लोगों का ये समर्पण देखकर सीना गर्व से  तन जाता है। ये कोई बहुत पढ़े लिखे लोग नहीं हैं, मगर शिक्षा का महत्व बखूबी समझते हैं। इनका कहना है कि हम तो कुछ नहीं कर पाए अनपढ़ ही रह गए। अब हमारी भावी पीढ़ी तो कम से कम कुछ तो पढ़ लिख ले।  ग्रामीणों की अगर मानें तो इसी साल बरसात में वहां के 9 स्थानीय लोग नदी की तेजधार में बह गए। उनको बहुत तलाशा गया मगर उनका कोई अता-पता नहीं चल सका। अब ऐसी परिस्थितियों में अगर कोई पिता अपने बच्चे को एल्युमिनियम की हांड़ी में डालकर नदी में जब उतरता होगा तो उसकी क्या मनोदशा होगी? इस बात को तो वही समझ सकता है जिसने अपने कलेज़े के टुकड़े को उस हांड़ी में डाला  हो। इनको राशन भी लाने के लिए कई -कई किलोमीटर पैदल ही चलकर जाना पड़ता है। तब जाकर कहीं बस और जीप जैसे साधन मिल पाते हैं। हमारी सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया था। हमारी खबर का असर हुआ कि सरकार ने अब वहां स्पीड़ बोट चलाने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले की जितनी भी तारीफ की जाए कम होगी। इस बोट के चल जाने से वहां के लोगों की जिंदगी न सिर्फ सुरक्षित होगी, बल्कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित जीवन मिल पाएगा।

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