जब बच्ची को जबड़े में दबोच कर घसीटता ले गया तेंदुआ
जांजगीर। जाको राखे साईंया मार सके न कोय, जी हां,ऐसा ही एक मामला सामने आया है जांजगीर जिले के सक्ती वन परिक्षेत्र के अन्तर्गत रैनखोल गांव में जहां एक आठ साल की बच्ची तेंदुए का शिकार होते बाल-बाल बची। संपत्ति नामक इस बच्ची को तेंदुआ उस वक्त अपने जबड़े में दबोच कर लगभग 50 मीटर तक घसीटता ले गया। उसके पिता रामलाल चौहान ने दिलेरी दिखाते हुए कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाया तो वह तेंदुआ जंगलों की ओर भाग गया। बच्ची का इलाज सरकारी अस्पताल में जारी है।
क्या है पूरा मामला-
दरअसल ये पूरा वा$कया सक्ती वन परिक्षेत्र का है। जहां रैनखोल निवासी राम लाल चौहान अपने आठ साल की बच्ची संपत्ति चौहान को लेकर बकरी चराने के लिए ले कर ऋषभ तीर्थ के जंगल पर गया था। राम लाल चौहान की नजर हटते ही तेंदुए ने आठ साल की मासूम संपत्ति चौहान को अपने जबड़े में दबोचा और जंगल की तरफ भागने लगा। बच्ची की आवाज सुन कर रामलाल हाथ में कुल्हाड़ी ले कर तेंदुए के पीछे दौड़ा तब तक तेंदुआ बच्ची को लेकर लगभग बीस से पचास मीटर तक चला गया था। शोर सुन कर तेंदुआ अपनी जान बचाने के लिए बच्ची को छोड़ कर जंगल की तरफ भाग गया।
राहगीरों ने की मदद-
इसके बाद बच्ची के पिता रामलाल चौहान खून से लथपथ बच्ची को लेकर जंगल से बाहर निकल कर मदद की गुहार लगा रहा था। ठीक उसी समय जिला मुख्यालय जांजगीर से पर्यटन के लिए रैनखोल पहुचे कुछ लोग मिल गए जिन्होंने न केवल अपने मोबाईल से संजीवनी 108 को सूचना दी बल्कि संजीवनी 108 के आने से देर होता देख घायल बच्ची को अपने वाहन में लेकर हॉस्पिटल पहुंचाया कर अपना दायित्व निभाया।
घायल बच्ची के हास्पिटल पहुचने के बाद वन विभाग के अधिकारी सक्ती हास्पिटल पहुंचे और मासूम के बेहतर ईलाज के लिए सरकारी मदद दिलाने में लिए जुट गए।
----------------------------------------------------------------------------------------------

Comments