माना में भी मुन्नाभाइयों ने काम किया मनमाना Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 10, 2016 रायपुर। राज्य की पुलिस छावनी माना में भी मुन्नाभाइयों ने सीएएफ जवानों की भर्ती परीक्षा में जमकर मनमाना काम किया। यहां परीक्षा में बैठे टॉपर्स और ताकती रह गई पुलिस। इसके लिए मुन्नाभाइयों के रैकेट ने फुलप्रूफ प्लानिंग कर रखी थी। मजेदार बात तो ये कि जिन तीन जवानों ने इनकी सेवाएं ली थी वे पास भी हो गए। इनकी जगह परीक्षा देने वाले यूपी के निवासी जयनंदन प्रसाद, महातम प्रसाद और लालजी कुमार गोंड घटना के बाद से फरार बताए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी की चि_ी के माध्यम से खुलासा होने के बाद अब घबराई पुलिस उत्तर प्रदेश के रायबरेली और आसपास के जिलों में आरोपियों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है। क्या है पूरा मामलाछत्तीसगढ़ में पिछले साल मार्च के अंतिम सप्ताह में सीएएफ में 300 आरक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया। 22 मार्च को चौथी बटालियन माना में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें एक हजार से ज्यादा बेरोजगार शामिल हुए। लिखित परीक्षा के बाद सभी को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। ट्रेनिंग के बाद उनकी पोस्टिंग भी हो गई है। लेकिन तीनों परीक्षा में शामिल नहीं हुए, उनकी जगह दूसरे परीक्षार्थी ने परीक्षा दे दी। तीनों परीक्षा में पास भी हो गए। उन्हें नियुक्ति पत्र भी जारी किया गया।डीजीपी की चि_ी ने खोली पोलइलाहाबाद से वहां के डीजीपी का पत्र आया। उन्होंने तीनों आरोपियों के नाम लिखकर संदेह जताया था। उसके बाद यहां खलबली मची और सीएएफ में विभागीय जांच बिठाई गई। जांच में सीसी कैमरे के फुटेज से साफ हो गया कि लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोग शामिल हुए हैं। जांच में यह भी पता चला कि जिन तीनों परीक्षार्थियों ने अपनी जगह दूसरे को बिठाया है वे एक ही कोचिंग में जाते थे। तीनों में दो तो सगे भाई हैं। खुशियां मनाई और फंसेपुलिस के जांच में पता चला है तीनों आरोपियों का रिजल्ट आने के बाद उनके पास होने की खुशी में गांव में पटाखे फोड़े गए। खुशियां मनाई गई। इससे गांव के दूसरे लोगों को आशंका हुई कि परीक्षा के समय तीनों अपने घर पर थे। पढ़ाई में कमजोर भी थे। जबकि उसी गांव के दूसरे उम्मीदवारों का चयन नहीं हुआ है। गांव के लोगों ने इलाहाबाद के वकीलों से संपर्क किया। वहां से वकील द्वारा पुलिस मुख्यालय को चि_ी लिखी गई। चि_ी मिलने के बाद हड़कंप मचा और कमान्डेंड को जांच का निर्देश दिया गया। उसके बाद सच सामने आया।कैसे दिया फर्जीवाड़े को अंजामकैसे दिया फर्जीवाड़े को अंजामयूपी में कोचिंग सेंटर से चल रहा रैकेटपुलिस की जांच में पता चला है कि यूपी के कुछ कोचिंग सेंटर से इस तरह का रैकेट अभी भी काम कर रहा है। कोचिंग में आने वाले बेरोजगारों को शर्तिया नौकरी का हवाला देकर फंसाया जाता है। उसके बाद मोटी रकम लेकर पूरी प्लानिंग से फर्जीवाड़ा किया जाता है। पुलिस को ऐसे कुछ सेंटरों के नाम भी मिले हैं। जल्द ही एक बड़ी टीम आरोपियों की तलाश में यूपी रवाना होगी। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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