टॉप की टीप
कटाक्ष-
निखट्टू-
सुराज की सरकार के मुखिया भीषण गर्मी में लोक सुराज के दौरान प्रदेश के एक जिले में उडऩखटोले से उतरे, पेड़ के नीचे लगाई चौपाल। जब जमीं भीड़ तो जल्दी-जल्दी में एक बच्चे से पूछ लिया पांच का पहाड़ा.... बच्चे ने सुनाया..पांच एकम पांच, पांच दूनी दस....उसके बाद बच्चा चुप हो गया, तो सीएम साहब ने पूछा ओखर आगू.... बच्चा बोला नइं जानंव। लोक सुराज खत्म हो गया। उसके बाद सीएम बच्चे को भूल गए और बच्चा पहाड़ा, मगर सीएम को पहाड़े की पूरी ट्यून याद है। कुछ दिनों पहले यही पहाड़े की ट्यून उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री को सुना दी। बारिश से कटे कई टापुओं को उन्होंने शांति के टापू करार दे दिए। आलम ये है कि प्रदेश के तमाम जिलों को नदियों और नालों ने घेर रखा है। कई इलाके टाूप बन चुके हैं, अब उन्होंने इनको बड़ी सफाई से शांति का टापू करार दे दिए और केंद्रीय मंत्री टापते रह गए। तब हमारी मोटी खोपड़ी में ये बात आई कि ये टीप तो उसी बच्चे की लगती है जिसने लोक सुराज में इनको पांच का पहाड़ा सुनाया था। वैसे भी टीप लेकर टॉप बनने की कला तो कोई इनसे सीखे। अभी कुछ महीने पहले की ही तो बात है, बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली एक बुढिय़ा के पैर छूने प्रधानमंत्री मोदी को दिल्ली से बुलवा लिया। कौन कहे डांटने को कि केंद्र के पैसों का आपने क्या किया? दोनों ने बुढिया के पैर छू लिए बात खत्म। बाद में जब वो बीमार पड़ी तो कोई पूछने तक नहीं गया कि अम्मा मरी या जिंदा हैं? ये सब लेटेस्ट टीप हैं.... एक बात बताऊं अभी-अभी एक टीप हमारे आशीष भैया भी हमको दे गए हैं... कि भैया बारिश का है डर...जल्दी से निकल लो घर... तो फिर कल आपसे फिर मुलाकात होगी तब तक के लिए जय...जय।
निखट्टू-
सुराज की सरकार के मुखिया भीषण गर्मी में लोक सुराज के दौरान प्रदेश के एक जिले में उडऩखटोले से उतरे, पेड़ के नीचे लगाई चौपाल। जब जमीं भीड़ तो जल्दी-जल्दी में एक बच्चे से पूछ लिया पांच का पहाड़ा.... बच्चे ने सुनाया..पांच एकम पांच, पांच दूनी दस....उसके बाद बच्चा चुप हो गया, तो सीएम साहब ने पूछा ओखर आगू.... बच्चा बोला नइं जानंव। लोक सुराज खत्म हो गया। उसके बाद सीएम बच्चे को भूल गए और बच्चा पहाड़ा, मगर सीएम को पहाड़े की पूरी ट्यून याद है। कुछ दिनों पहले यही पहाड़े की ट्यून उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री को सुना दी। बारिश से कटे कई टापुओं को उन्होंने शांति के टापू करार दे दिए। आलम ये है कि प्रदेश के तमाम जिलों को नदियों और नालों ने घेर रखा है। कई इलाके टाूप बन चुके हैं, अब उन्होंने इनको बड़ी सफाई से शांति का टापू करार दे दिए और केंद्रीय मंत्री टापते रह गए। तब हमारी मोटी खोपड़ी में ये बात आई कि ये टीप तो उसी बच्चे की लगती है जिसने लोक सुराज में इनको पांच का पहाड़ा सुनाया था। वैसे भी टीप लेकर टॉप बनने की कला तो कोई इनसे सीखे। अभी कुछ महीने पहले की ही तो बात है, बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली एक बुढिय़ा के पैर छूने प्रधानमंत्री मोदी को दिल्ली से बुलवा लिया। कौन कहे डांटने को कि केंद्र के पैसों का आपने क्या किया? दोनों ने बुढिया के पैर छू लिए बात खत्म। बाद में जब वो बीमार पड़ी तो कोई पूछने तक नहीं गया कि अम्मा मरी या जिंदा हैं? ये सब लेटेस्ट टीप हैं.... एक बात बताऊं अभी-अभी एक टीप हमारे आशीष भैया भी हमको दे गए हैं... कि भैया बारिश का है डर...जल्दी से निकल लो घर... तो फिर कल आपसे फिर मुलाकात होगी तब तक के लिए जय...जय।
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