बही सड़क और पुलिया का बिगड़ा हुलिया-




 सुराज की सरकार, उसके नेता- अफसर और ठेकेदार करने में लगे हैं प्रदेश का बंटाधार। जब करोड़ों की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में बह गई। तो बिना कुछ बोले ही मजबूती को लेकर बहुत कुछ कह गई।  वहीं पुलिया का भी बिगड़ गया है हुलिया। आसपास से गुजरने में लगता है लोगों को डर। जो भी उधर से गुजरता है देखकर जाता है ठहर। अब इसको दोबारा बनवाने का दावा कर रही हैं जिले की कलेक्टर शम्मी आबिदी। ऐसे में सवाल तो यही है कि क्या ऐसी ही गुणवत्ता वाली सड़क और पुलिया बनाने की निविदा जारी की गई थी? जनता के पैसों की इस तरह बंदर बांट आखिर कब तक चलेगी? समय रहते इन पर क्यों नहीं की गई वैधानिक कार्रवाई? क्यों नहीं रोका गया इस ठेकेदार का भुगतान... आखिर कुछ तो बोलिए श्रीमान?
विकास के नाम पर महाविनाश का घटिया खेल, भ्रष्ट अफसर और ठेकेदार प्रदेश का कर रहे हैं बंटाधार

कांकेर।
कहां-कहां है बदहाली का आलम
नगर के सिविल लाइन से अलबेलापारा जाने के लिए नगरपालिका द्वारा बनाई गई सीसी मार्ग तालाब पार के पास बने पुल, ग्राम भीरावाही से सिदेसर जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क, ग्राम भीरावाही बस्ती से लगे सरार के पास पानी के अधिक बहाव से सड़क का पूर्वी किनारा पुलिया के दोनों साईड 31 मीटर एवं 30 मीटर का कटाव, पुल के पास सड़क बीचों बीच 6 मीटर कट  गया है। इससे जिला मुख्यालय कंकेर तक ग्राम सिदेसर, गोतपुर, नारा, बागोडार, हाटकोंगेरा के ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा हो रही है ।
नयापारा बस्ती की बही सड़क-
 ग्राम बागोडार नयापारा बस्ती से लगी हुई प्रधानमंत्री सड़क के शिव मंदिर के पास सड़क में बने पुलिया एवं सड़क दोनों तरफ अधिक पानी आने के कारण पाइप पुल के बीच नीचे भाग में मिट्टी कटाव से छेद हो गया है  इसकी मरम्मत। ग्राम हाटकोंगेरा में अटल चौक से पश्चिम दिशा की ओर जाने वाली कच्ची ग्रामीण सड़क के ग्राम से लगभग 500 मीटर की दूरी पर एक पुल पाइप बहा।   ग्राम गोतपुर से नदी एवं खेत जाने हेतु बने कच्ची पहुंच मार्ग में सरार के पास बने दो रपटा अति बारिश के पानी के बहाव से मिटटी बह गए हैं।  यहां मुरूम मिट्टी पाटने के निर्देश दिए गए।
ठेकेदारों के भ्रष्टाचार पर कलेक्टर डलवा रही मिट्टी-
 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क के जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग 40 से मलांजकुडुम भंडारीपारा कांकेर से घोटिया, मनकेसरी से नवागांव अलबेला पारा से सीदेस मार्ग में क्षतिग्रस्त सड़क पुलिया के पास की मिट्टी बह जाने से गड्ढों को मुरुम मिट्टी पाटने की तत्काल कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर शम्मी आबिदी ने दिए ।
 ताकि आवागमन में सुचारु रूप से जारी रह सके। यानि ठेकेदार के भ्रष्टाचार पर कलेक्टर मुरुम और मिट्टी डलवा रही हैं।  इसी प्रकार उन्होंने नरहरपुर विकासखंड अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित ग्राम करप से बुदेली ग्राम धनेसरा से शामतरा, लोक निर्माण विभाग की ग्राम दुधावा से दलदली एवं सरोना के बीच ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित सड़क ग्राम मोहपुर से मुनगाडीह पहुंच मार्ग में तत्काल मुरूम मिट्टी डालने और मार्ग को सुचारू बनाने के निर्देश दिए गए हैं । कलेक्टर द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कांकेर से सिंगारभाठ व्यासकोंगेरा मार्ग कटी हुई सड़क की तत्काल मरम्मत करने कहा गया है।
पहले कहां थीं कलेक्टर-
सवाल तो ये भी है कि आखिर जब वे गुणवत्ताहीन सड़कें बनाई जा रही थीं तो उस वक्त कलेक्टर कहां थीं? क्यों नहीं उस ठेकेदार का भुगतान रोका गया? अगर ऐसी सड़कों पर किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से किसी की भी मौत होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? सरकार और भ्रष्ट ठेकेदार की गलतियों का खामियाजा भला जनता क्यों भोगे? ये ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका उत्तर न तो इस प्रशासन के पास है और न ही उसके जिम्मेदार नेताओं और अफसरों के पास है। यहां कुल मिलाकर  सरकारी खजाने को जमकर चूना लगाया जा रहा है, और जनता अपनी खून पसीने की कमाई को बरबाद होता देख रही है।
आकस्मिक सेवाओं की कैसे होगी बहाली-
कांकेर नक्सलवाद प्रभावित जिला है। ऐसे में अगर कहीं कोई मुठभेड़ हो गई तो सुरक्षाबलों के जवान कैसे आएं-जांएंगे? अगर किसी को हार्ट अटैक आ गया तो 108 एम्बुलेंस कैसे गांव तक पहुंचेगी? किसी मां-बहन को अगर जरूरत पड़ी तो महतारी एक्सप्रेस को कैसे गांव तक पहुंचाया जाएगा? ऐसे में होने वाली जनहानि की जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन उसके भ्रष्ट अधिकारी या फिर वो ठेकेदार?


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