भ्रष्टाचार के फेर में ढ़ेर हुआ कांकेर


कांकेर। ठेकेदार कितना है ईमानदार ये बता देती है सड़क और पुलियों में पड़ी दरार, लेकिन भ्रष्टाचार के फेर में फंसे कांकेर की यातायात व्यवस्था को तो इन लोगों ने ढेर कर दिया। यहां सलीके से एक बारिश भी नहीं झेल पाई करोड़ों की सड़क। चारामा से भिरौद जाने वाली सड़क दो जगहों से पूरी तरह बह गई। तो वहीं जिम्मेदार प्रशासन इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं दिखाई दे रहा है। अलबत्ता कलेक्टर शम्मी आबिदी अब इन पर मिट्टी डालवा रही हैं।
खेतों में जमा है सड़कों का मलबा-
इन गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है।  सड़क का मलबा पानी के साथ किसानों के खेतों में घुस गया।  जिससे किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।  दो साल पहले ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क पर पुल और पानी के कटाव को रोकने के लिए दोनों ओर ट्रोवाल बनाकर पीचिंग किया था।  जो इस बारिश में बह गई।
 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर-
 उन्होंने कहा कि बाढ़ पीडि़तों को मुआवजा देने के लिए प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है, जिससे लोगों का बुरा हाल है।  वहीं, सड़क बहने के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।  इसके साथ ही गांवों से बीमार मरीजों को अस्पताल लाने के लिए परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे-कैसे काम और उन पर ये ट्यून
इस मामले को लेकर जब कांकेर  के कलेक्टर शम्मी आबिदी से उनके मोबाइल नंबर   9424203999 बात करने की कोशिश की गई तो उनके मोबाइल की कॉलर ट्यून में मेरा देश बढ़ रहा है, बज रहा था। सवाल तो वही है कि क्या ऐसे ही देश आगे बढ़ रहा है?



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