कर्तव्यपरायणता की मिसाल



संपादकीय-

प्रदेश में बेलगाम हो चुकी अफसरशाही की शिकायतें आए दिन मिलती ही रहती हैं। इसी मशीनरी की चक्करघिन्नी में फंस कर न जाने कितने निर्दोष खुदकु़शी जैसा कदम भी उठा लेते हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री निवास के सामने ही एक विकलांग युवक के आत्मदाह का मामला भी उसी की एक कड़ी बताया जा रहा है। तो वहीं प्रदेश के किसानों की ओर से तो  अक्सर ही इनकी लापरवाही की शिकायतें दर्जनों में आती रहती हैं। कुछ दिनों पहले ही राज्य के अफसरों ने ही  किसानों को फसल बीमा के नाम पर एक, दो , तीन , पांच, चालीस और अस्सी रुपए के चेक बांटे थे। कहीं बिना बने पुल तो कहीं बिना बनी सड़कें तक कागजों में पास करवा देने वाले खास अधिकारियों के कारनामे प्रदेश के जनता के लिए कोई नए नहीं हैं। किसी को शिकायतों तो किसी को जांच के नाम पर बार-बार बुलाकर प्रताडि़त करने का $फन भी इसी अफसरशाही की ही देन है।
 तो वहीं प्रदेश में कुछ ऐसे भी अफसर हैं  जिन्होंने अपने कर्तव्यपरायणता की मिसाल कायम की है। इन्हीं में से एक हैं देवभोग के एसडीएम शैलाभ साहू जिन्होंने दस किलोमीटर की पहाड़ी चढ़ाई चढ़कर कुल्हाड़ीघाट के भालूडिही गांव में जाने का साहस दिखाया। उन्होंने इस दुर्गम गांव के ग्रामीणों से मिलकर उनकी असुविधाओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन भी दिया। देश की आजादी 69 सालों के अंदर ये पहला मौका था जब कोई बड़ा अधिकारी उस गांव में पहुंचा हो। इस युवा अधिकारी का ये काम जनता की प्रशासन से टूटती आस को संजीवनी प्रदान करने की एक कोशिश है। इससे प्रदेश के तमाम अफसरशाहों को नसीहत लेनी चाहिए। वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर ग्रामीणों और गरीबों के बीच जाकर भी देखना चाहिए कि वहां क्या हो रहा है? शासन -प्रशासन की योजनाएं वहां तक पहुंच रही हैं या नहीं? यदि नहीं पहुंच रही हैं तो क्यों?
तो वहीं जनता को भी चाहिए कि वो ऐसे जांबाज अधिकारियों का सामाजिक मंचों से सम्मान करे। इससे तमाम दूसरे अधिकारियों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा और वे भी देश सेवा के लिए उठकर तैयार होंगे। अच्छे कार्य करने के लिए हमको किसी तारीख को चुनने या फिर देखने की जरूरत नहीं होती। इसको जब चाहें जहां से चाहें शुरू कर सकते हैं। ऐसे में अगर बीस फीसदी अधिकारी भी अपने काम को इस जज्बे के साथ करने लगेंगे तो नि:संदेह देश में बदलाव होगा। इससे सरकारी  योजनाओं का लाभ समाज की आखिरी सीढ़ी पर खड़े उस आदमी को मिलने लगेगा जो उसका असल ह$कदार है।

Comments

Popular posts from this blog

पुनर्मूषको भव

कलियुगी कपूत का असली रंग

टूटी हड्डियां जोड़ने वाली लता