सरकार के निर्मल गांव वाले दांव की सच्चाई



बस्तर के कुदालगांव को वर्ष 2002 में निर्मल ग्राम पुरस्कार से नवाजा गया था। समाचार पत्रों ने भी गांव की फोटो छापी थी। मगर अब सच्चाई ये है कि इस गांव के सौ फीसदी लोग खुले में शौच करने जाते हैं। गुणवत्ताहीन शौचालय लंबे अरसे से उपयोगहीन हो चुके हैं। सरकार के निर्मल गांव वाले दांव की सच्चाई आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को  ग्राम स्वराज सभा के दौरान वहां के ग्रामीणों ने बताई। ये ग्रामीण अभी भी हो रहे हैं बिलजी विभाग के सितम का शिकार। ग्रामीणों का उस वक्त बैठने लगता है दिल जब बिजली विभाग वाले थमा देते हैं डेढ़ हजार का बिल। ऐसे में सवाल तो यही है कि आदिवासियों से ये लूट आखिर कब तक चलेगी?

 निर्मल ग्राम के तहत पुरस्कृत गाँव में नहीं है शौचालय, बिजली विभाग के अधिकारी भी काटते हैं मनमाना बिल
जगदलपुर।
क्या है पूरा मामला-
 आम आदमी पार्टी द्वारा बस्तर कुदालगांव में ग्राम स्वराज सभा का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों ने गांव से जुड़ी कई समस्याओं से पार्टी को अवगत कराया, जिसमें प्रमुख रूप से लोगों ने शिकायत की कि 2002 में ग्राम को निर्मल ग्राम के तहत पुरस्कृत किया गया था लेकिन यहां योजना के तहत बनाए गए शौचालय निर्माण के कुछ ही दिन बाद उपयोगहीन हो गए। हाल यह है कि लोग खुले में ही शौच जाने को मजबूर हैं।
 बिजली वाले थमाते हैं डेढ़ हजार का बिल-
कई बार जनप्रतिनिधियों से भी इस संबंध में बात की जा चुकी है पर इस दिशा में अब तक कोई सकात्मक पहल नहीं हुई है। वहां के लोग बिजली विभाग की मनमानी से भी त्रस्त हैं। घर में गिनती के विद्युत उपकरण होने के बावजूद बिजली का बिल 1000 से 1500 रुपए आता है । रीडर मीटर की रीडिंग लेने आता ही नहीं है लेकिन बेतरतीब बिल भुगतान के अंतिम दिन के एक दिन पूर्व लोगों को थमा दिए जाते हैं। इस विषय को लेकर कई बार बस्तर स्थित बिजली विभाग में शिकायत भी की गई है। लेकिन अधिकारियों से महज उन्हें जांच का आश्वासन ही मिलता है। ग्रामीणों ने कहा कि पूरे गांव में इक्का-दुक्का ही सीसी सडक़ है बाकि सभी सडक़ें कच्ची हैं । गांव में कही भी नालियां बनी नहीं हैं। साफ़ सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
बच्चों को दूर जाना पड़ता है पढऩे-
और तो और यहां एक भी हाईस्कूल नहीं है जिसकी वजह से गांव के लगभग डेढ़ सौ बच्चों को जान जाखिम में डालकर घाटलोहंगा, घाटपदमुर और असना जाना पड़ता है। कई बार हाइवे पर भारी वाहनों की चपेट में आकर बच्चे हादसे का शिकार हो चुके हैं। दो बच्चों की जान भी जा चुकी है। ग्रामवासी हाईस्कूल के लिए पंचायत स्तर पर जमीन देने को भी राजी है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि ग्राम कि सभी समस्यों को लेकर जल्द सम्बंधित विभाग के प्रमुखों से मिलकर निराकरण की दिशा पर चर्चा की जाएगी। ग्रामों के स्थिति देखकर यह साफ़ समझा जा सकता है कि हो हल्ला के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का क्या हश्र हो रहा है। जमीनी स्तर पर सरकार सभी योजनाओं के क्रियान्वयन पूरी तरह असफल साबित हुयी है।
सभा में ये लोग रहे मौजूद-
इस दौरान आम आदमी पार्टी के रोहित सिंह आर्य, परमेश राजा, विवेक शर्मा, भावेश सतपथी, अर्चना गुप्ता, आरती पटनायक, गीता बघेल, जमुना भद्रे, नीलबती, सुनीता ठाकुर, भेद्बती, मंगलेश्वरी, शेनवती, सत्यभामा, सुखमती, कमलबती, जेमावती बघेल, सुखदायी, शांति, सुखमती, राजेश कश्यप, लक्ष्मण, मनबोध बघेल, तुलाराम, हीरा सिंग, गौरांग, कुल्लुरम, दीनबंधु सहित काफी संख्या में ग्राम वासी उपस्थिति रहे।

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