मजदूरों की आधी कमाई सरपंच पति ने दबाई



लोरमी। ग्राम पंचायत करनकापा में मनरेगा के तहत किये जा रहे भुगतान में सरपंच पति और रोजगार सहायक गरीब मजदूरों को मिलने वाले पारिश्रमिक पर हाथ साफ  कर रहे हैं।  ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक में उनके नाम से जितनी राशि आई है उसमें से आधी राशि को सरपंचपति अपने पास रख कर शेष आधी राशि का भुगतान कर रहा है।  वहीं इस संबंध में सरपंच का कहना था कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लोरमी के आदेश से ऐसा किया जा रहा है जबकि इस संबंध में जनपद पंचायत ने इसे एक सिरे से खारिज कर दिया है।


क्या है पूरा मामला-
उल्लेखनीय है कि लोरमी के ग्राम पंचायत करनकापा में वर्तमान में मनरेगा के तहत भुगतान किया जा रहा है   शेष पृष्ठ 5 पर..
तकनीकि खामियों की वजह से एफटीओ से भुगतान न करते हुए संबंधित बैक शाखा के एजेंटों के माध्यम से पंचायत में ही भुगतान किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सरपंच एवं रोजगार सहायक पर आरोप लगाया है कि उन्हें मजदूरी की राशि आधी दी जा रही है और आधी राशि को अपने पास रख लिया जा रहा है। मजदूरी भुगतान करने आए कोटक महिन्द्रा के प्रतिनिधि से बात की गई तो उनका कहना था कि मजदूरों के नाम पर जितनी राशि आई है उतना ही भुगतान किया जा रहा है।  किन्तु उनकी आधी राशि को सरपंच ऐसा कहकर अपने पास रख रहा है कि उसे सीईओ लोरमी का ऐसा ही निर्देश मिला है जबकि सीईओ ने इस बात को एक सिरे से खारिज कर दिया है। इस स्थिति में एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि गरीबों को मिलने वाले हक पर सरपंच एवं रोजगार सहायक खुलेआम डाका डाल रहे हैं।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश
        मनरेगा के तहत किये जा रहे आधे अधूरे भुगतान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है चूंकि त्यौहार भी नजदीक है ऐसे में उनका कहना है कि जब उनके नाम पर पूरे पैसे आए हैं। तो उन्हें आधा अधूरा भुगतान कर छला जा रहा है साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि यदि भुगतान पूरा नहीं हुआ तो सरपंच एवं रोजगार सहायक के विरुद्ध शिकायत की जाएगी।
सीईओ के आदेश से कर रहा हूं: सरपंच पति-
        इस संबंध में ग्राम पंचायत के महिला सरपंच पति का कहना था कि उसे अधूरे भुगतान के लिए सीईओ लोरमी स्वप्निल धु्रव का मौखिक निर्देश मिला है। जबकि मनरेगा के कामों में मजदूरी भुगतान सीधे खाते से किया जाता है और उस राशि पर सम्पूर्ण हक खाताधारक का ही होता है ऐसे में सरपंच पति की यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं हो रही कि सीईओ के आदेश से ऐसा हो रहा है।
सरपंच पति नहीं मान रहा: बैंक प्रतिनिधि-
         मजदूरी भुगतान करने पंचायत पहुंचे कोटक महिन्द्रा के प्रतिनिधि का कहना था कि खाताधारक के खाते की सम्पूर्ण राशि पर अधिकार संबंधित खाताधारक का ही है मगर सरपंच पति के द्वारा भुगतान स्थल पर बैठकर आधी राशि अपने पास रखा जा रहा था जिसका हमने भी विरोध किया मगर सरपंच नही माना।
मजदूरों की आधी कमाई...
तकनीकि खामियों की वजह से एफटीओ से भुगतान न करते हुए संबंधित बैक शाखा के एजेंटों के माध्यम से पंचायत में ही भुगतान किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सरपंच एवं रोजगार सहायक पर आरोप लगाया है कि उन्हें मजदूरी की राशि आधी दी जा रही है और आधी राशि को अपने पास रख लिया जा रहा है। मजदूरी भुगतान करने आए कोटक महिन्द्रा के प्रतिनिधि से बात की गई तो उनका कहना था कि मजदूरों के नाम पर जितनी राशि आई है उतना ही भुगतान किया जा रहा है।  किन्तु उनकी आधी राशि को सरपंच ऐसा कहकर अपने पास रख रहा है कि उसे सीईओ लोरमी का ऐसा ही निर्देश मिला है जबकि सीईओ ने इस बात को एक सिरे से खारिज कर दिया है। इस स्थिति में एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि गरीबों को मिलने वाले हक पर सरपंच एवं रोजगार सहायक खुलेआम डाका डाल रहे हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश - मनरेगा के तहत किये जा रहे आधे अधूरे भुगतान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है चूंकि त्यौहार भी नजदीक है ऐसे में उनका कहना है कि जब उनके नाम पर पूरे पैसे आए हैं। तो उन्हें आधा अधूरा भुगतान कर छला जा रहा है साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि यदि भुगतान पूरा नहीं हुआ तो सरपंच एवं रोजगार सहायक के विरुद्ध शिकायत की जाएगी।
सीईओ के आदेश से कर रहा हूं: सरपंच पति- इस संबंध में ग्राम पंचायत के महिला सरपंच पति का कहना था कि उसे अधूरे भुगतान के लिए सीईओ लोरमी स्वप्निल धु्रव का मौखिक निर्देश मिला है। जबकि मनरेगा के कामों में मजदूरी भुगतान सीधे खाते से किया जाता है और उस राशि पर सम्पूर्ण हक खाताधारक का ही होता है ऐसे में सरपंच पति की यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं हो रही कि सीईओ के आदेश से ऐसा हो रहा है।
सरपंच पति नहीं मान रहा: बैंक प्रतिनिधि-  मजदूरी भुगतान करने पंचायत पहुंचे कोटक महिन्द्रा के प्रतिनिधि का कहना था कि खाताधारक के खाते की सम्पूर्ण राशि पर अधिकार संबंधित खाताधारक का ही है मगर सरपंच पति के द्वारा भुगतान स्थल पर बैठकर आधी राशि अपने पास रखा जा रहा था जिसका हमने भी विरोध किया मगर सरपंच नही माना।
 जिनके नाम पर जितनी राशि आई है उसे उतना ही भुगतान किया जाना चाहिए। हम इस मामले को अभी देखवाते हैं।
स्वप्रिल ध्रुव
सीईओ, जनपद पंचायत लोरमी।
जॉच उपरांत, दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में जिला पंचायत के मुुख्यकार्यपालन अधिकारी डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने कहा कि इस मामले की जॉच कराई जाएगी एवं दोषियों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी चाहे वह जो भी हो।
-डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी सीईओ जिला पंचायत मुंगेली

 

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