मां कांकेकारी मंदिर में उमड़ी भीड़




8वीं शताब्दी में राजा कडरा देव ने बनवाया था मंदिर, आज भी है लोगों की आस्था का केंद्र
कांकेर । कांकेर जिला मुख्यालय का मस्तक के नाम से पहचाने जाने वाले ऐतिहासिक पहाड़ी किले के ऊपर विराजित माता योग माया कांकेकारी देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है ।  गढिय़ा पहाड़ के ऊपर माँ शीतला के रुप मे मन्दिर की स्थापना राजा कंडरा देव ने 8वीं शताब्दी में किया था। ऊंची पहाडिय़ों में नवरात्र पर्व में 9 दिनों तक मेला लगता है । यहां श्रध्दालुओं की भारी भीड़ रोज उमड़ती है।  अपनी आस्था लिए अपनी मुरादें पाने माता कांकेकारी देवी के दरबार में दूर-दूर से लोग आते  हैं। लोगों का मानना है कि योग माया कांकेकारी देवी के दरबार में जो भी अपनी मुरादें लेकर आता है उनकी सारी मुरादें पुरी होती हैं। वही कांकेकारी देवी के दर्शन के लिए भक्त नंगे पांव पैदल दूर-दूर से व घुटने के बल सीढिय़ों मे चढते नजर आए।
भुंइपरी करते हुए पहुंचा श्रध्दालु-
 वहीं एक ऐसा भी माता का भक्त है जो सुबह से कांकेर शहर में आस्था का केन्द्र बना हुआ है। पिछले 8 घण्टे से भुइंपरी यानि लेटते-लेटते कांकेकारी देवी के दर्शन के लिए गढिया पहाड़ की ओर निकल पड़ा है। वही इस श्रद्धालु की भक्ति को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर से गुजरने वाली गाढिय़ों को दूसरे रास्ते से निकाला। इस श्रद्धालु  की मदद के लिए बहुत से लोग निकल पड़े हैं। लोगों ने श्रद्धालु के शरीर पर आई चोटों पर पट्टी बांधी है। 

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