खोखले दावों का खतरनाक सच
बसना। सुराज की सरकार के खोखले दावों का सच समय-समय पर सामने आता ही रहता है। ऐसा ही मामला बसना के पथरला और मोहगांव के बीच पडऩे वाले नाले पर 30 सितंबर को दिखाई दिया। जब लकवाग्रस्त मरीज को ट्रैक्टर पर लाद कर लोग नाले के किनारे तक लाए और उसके बाद उसको खटिया पर लादकर नाला पार कराया गया। लाखों मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का दावा करने वाली संजीवनी और महतारी एक्सप्रेसों का यहां कोई भी अता पता नहीं दिखाई देता। अलबत्ता राज्य के मंत्री केंद्र जाकर अपनी समस्याएं बताकर पैसे तो लाते हैं मगर उनका सही जगह पर उपयोग नहीं हो पाने के कारण गरीबों को
कोई भी सुविधा ठीक से नहीं मिल पाती है। ऐसे में सवाल तो यही है कि क्या आखिर यही है इस सुराज की सरकार के असली विकास की तस्वीर?
क्या है पूरा मामला-
मोहगांव से पथरला के बीच नाले में पुल निर्माण की लम्बे समय से की जा रही मांग पर ध्यान नहीं देने से विद्यार्थियों के साथ -साथ ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । 30 सितम्बर को लकवाग्रस्त होने पर मोहगांव के ग्रामीण उदेराम सिदार को खटिया पर डालकर नाला पार कर उपचार हेतु छीन्दपाली ले जाया गया । विद्यार्थी भी अध्यापन हेतु जान जोखिम में डाल नाला पार कर पथरला पढऩे आने में मजबूर हैं । जनदर्शन में 27 सितम्बर को कलेक्टर को पत्र देकर पुल निर्माण की मांग ग्रामीण ने की है। पूर्व माध्यमिक एवं हाई स्कूल, हायरसेकेण्डरी स्तर की शिक्षा हेतु मोहगांव के विधार्थियों को वर्षा के मौसम में अपने जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है।
यहां नहीं आती सरकार की 108-
ग्रामीणों का दुर्भाग्य है कि जिस संजीवनी एक्सप्रेस यानि 108 एंबुलेंस के राज्य सरकार कसीदे पढ़ा करती है। वे यहां तक नहीं आतीं। ऐसे में यदि कोई ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसका तो भगवान ही मालिक है। 30सितंम्बर को मोहगांव के उदेराम पिता कीर्तन सिदार 71वर्ष को लकवा मार दिया। लकवा ग्रस्त होने के पश्चात परिजन ट्रैक्टर से उदेराम को पथरला ले जाने निकले, परन्तु नालें में पानी भरा हाने के कारण उसे खाट पर लिटा कर चार लागों ने कंधे शेष पृष्ठ 5 पर..
में डाल कर नाल पार कराया ।
कहां गए सरकारी विकास के दावे-
मोहगांव के लोगों का दुर्भाग्य है कि 50-60वर्षों से नाले पर पुल निमार्ण की मागं कर रहे हैं, परन्तु आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। राजनेताओं की अनदेखी करने के बाद ग्रामीणों ने 27सितंम्बर को महासमुन्द जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को जनदर्शन में नवयुवक सेवा समिति के मोहन लाल पटेल अध्यक्ष सरपंच पथरला ,जल समिति पथरला ,ग्रामीणों एवं विधार्थियों के संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र देकर पुल निर्माण की मांग की है । ग्रामीणों ने मानव अधिकार के तहत पुल निमार्ण की मांग की है । युवा सेवा समिति मोहगांव के अध्यक्ष मोहन पटेल ने बताया उदेराम को गंभीर स्थिति मे उपचार की जरूरत पड़ी परन्तु नाले में पानी भर हेाने के कारण 108 वाहन का पहुंचना मुसकिल था जिसे देखते हुए ग्रामीणों एवं परिजनों के सहयोग से उदेराम को छीनपाली (सराईपाली) उपचार हेतु खाट पर डाल कर नाला पार कर पथरला में वाहन व्यवस्था कर छीनपाली ले जाया गया। ऐसी स्थिति अनेकों बार आ चुकी है परन्तु समस्या निराकरण हेतु पहल नहीं की जा रही है ।
में डाल कर नाल पार कराया ।
कहां गए सरकारी विकास के दावे- मोहगांव के लोगों का दुर्भाग्य है कि 50-60वर्षों से नाले पर पुल निमार्ण की मागं कर रहे हैं, परन्तु आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। राजनेताओं की अनदेखी करने के बाद ग्रामीणों ने 27सितंम्बर को महासमुन्द जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को जनदर्शन में नवयुवक सेवा समिति के मोहन लाल पटेल अध्यक्ष सरपंच पथरला ,जल समिति पथरला ,ग्रामीणों एवं विधार्थियों के संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र देकर पुल निर्माण की मांग की है । ग्रामीणों ने मानव अधिकार के तहत पुल निमार्ण की मांग की है । युवा सेवा समिति मोहगांव के अध्यक्ष मोहन पटेल ने बताया उदेराम को गंभीर स्थिति मे उपचार की जरूरत पड़ी परन्तु नाले में पानी भर हेाने के कारण 108 वाहन का पहुंचना मुसकिल था जिसे देखते हुए ग्रामीणों एवं परिजनों के सहयोग से उदेराम को छीनपाली (सराईपाली) उपचार हेतु खाट पर डाल कर नाला पार कर पथरला में वाहन व्यवस्था कर छीनपाली ले जाया गया। ऐसी स्थिति अनेकों बार आ चुकी है परन्तु समस्या निराकरण हेतु पहल नहीं की जा रही है ।
सरकारी दावों पर एक नज़र-
महतारी ने दो लाख तो संजीवनी ने एक लाख किमी से ज्यादा लगाई दौड़
ट्रिप की संख्या 9048
दूरी तय 213587किमी
प्रसूता आवाजाही 3670
शिशु आवाजाही 196
अस्पताल पहुंचे मरीज 5447
ट्रिप की संख्या 3801
दूरी तय 133391 किमी
प्रसूता आवाजाही 315
शिशु आवाजाही 47
एक्सीडेंट, बर्न केस 1079
चेस्ट पेन, हार्ट अटैक 317
आत्महत्या, डूबना 120
मेडिकल इमरजेंसी 1923
शासकीय अस्पतालों में शिफ्ट किए गए मरीज 3365
बसना। सुराज की सरकार के खोखले दावों का सच समय-समय पर सामने आता ही रहता है। ऐसा ही मामला बसना के पथरला और मोहगांव के बीच पडऩे वाले नाले पर 30 सितंबर को दिखाई दिया। जब लकवाग्रस्त मरीज को ट्रैक्टर पर लाद कर लोग नाले के किनारे तक लाए और उसके बाद उसको खटिया पर लादकर नाला पार कराया गया। लाखों मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का दावा करने वाली संजीवनी और महतारी एक्सप्रेसों का यहां कोई भी अता पता नहीं दिखाई देता। अलबत्ता राज्य के मंत्री केंद्र जाकर अपनी समस्याएं बताकर पैसे तो लाते हैं मगर उनका सही जगह पर उपयोग नहीं हो पाने के कारण गरीबों को कोई भी सुविधा ठीक से नहीं मिल पाती है। ऐसे में सवाल तो यही है कि क्या आखिर यही है इस सुराज की सरकार के असली विकास की तस्वीर?


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