निगम की बैठक में पार्षद व अधिकारी चला रहे थे व्हॉट्सएप्प
-भ्रष्ट अफसरशाही और निकम्मी हो चुकी नेतागिरी का त$काजा राजनांदगांव के नगर निगम की बैठक में उस वक्त देखने को मिला, जब वहां के पार्षद और अधिकारी व्हॉट्सएप्प चलाते पकड़े गए। इनके इस कुकृत्य के बचाव में महापौर मधुसूदन यादव तक कूद पड़े । तो वहीं एक इंजीनियर ने तो बड़े ही रौब से ये तर्क दिया कि हमारे मोबाइल में शासन की सारी योजनाओं की जानकारी आती है। लिहाजा मोबाईल देखना पड़ता है। सवाल तो ये है कि श्रीमान क्या पूरे दिन मोबाइल ही देखेंगे आप? काम के नाम पर सारी व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। सरकार क्या सोनें के लिए सातवां वेतनमान दे रही है? सुराज का दावा करने वाली सरकार के जिम्मेदारों ने इतना कुछ होने के बावजूद भी मुंह और आंखों पर पट़्टी बांध रखी है।
राजनांदगांव निगम का मामला,बचाव में उतरे महापौर तो अधिकारी भी दे रहे अजीबोगरीब तर्क
राजनांदगांव।
क्या है पूरा मामला-
जनता के चुने हुए प्रतिनिधि सदन में अगर गंभीर विषयों पर चर्चा करने की जगह फेसबुक और व्हॉट्सएप्प पर लगे रहे तो आप क्या कहेंगे। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में नगर निगम की सामान्य सभा में यह नज़ारा आज देखने को मिला जब कई भाजपा पार्षद सहित अधिकारी, कर्मचारी सभा की कार्रवाई के दौरान अपने मोबाइल फोन में फेसबुक और व्हॉट्सएप्प पर व्यस्त थे।
दरअसल, राजनांदगांव नगर निगम की सामान्य सभा आज विधानसभा की तर्ज पर निगम में विधानसभा की तरह पहले से ही चार सवाल पार्षदों द्वारा लगाऐ गऐ थे। जिसपर चर्चा हो रही थी, सदन में खूब हो हल्ला भी हो रहा था मगर कुछ पार्षद इन सबसे अलग अपनी धुन में मोबाइल पर ही चिपके रहें।
राजनांदगांव नगर निगम के महापौर मधुसुदन यादव बीजेपी से हैं और सदन में पूरे समय कांग्रेसी पार्षदों के द्वारा उठाये गए मुद्दों पर किये गए हंगामे के बावजूद मोबाइल पर मस्त कई भाजपा पार्षदों के असंसदीय व्यवहार पर वह उनका बचाव करते नजर आएं। नगर निगम राजनांदगांव में कांग्रेस नेता हफिज खान ने कहा कि सत्ता पर काबिज भाजपा पार्षद निगम में केवल समय पास करने आते हैं विकास से उनको कोई लेना नहीं है।
अब जरा इन इंजीनियर साहब का तर्क सुनिए-
वहीं, सभापति शिव वर्मा ने इस मामले में सभा की गरिमा भंग करने वाले पार्षदों को समझाने की बात कही। पूरी सभा के दौरान मोबाइल और व्हॉट्सएप्प पर मस्त राजनांदगांव नगर निगम के सब इंजीनियर ने खुद के बचाव में अजीब सा तर्क दिया। सब इंजीनियर जयनारायण श्रीवास्तव ने कहा कि मेरे मोबाइल में शासन की कई योजना आती हैं। इसलिए मोबाइल में देखना पड़ता है।
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