वीआईपी रोड़ में चौड़ीकरण के नाम पेड़ों की बलि
नवरात्रि में अक्सर आपने बकरों की बलि देते देखा होगा। राजधानी रायपुर में वीआईपी रोड़ के चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि प्रशासन देने जा रहा है। हरियाली के दुश्मनों और लकड़ी के ठेकेदारों की आंखें एकबार फिर से चमकने लगी हैं। उनको सड़क के दोनों किनारे लगे सीधे और सुंदर पेड़ों की लकडिय़ां जो मिलने वाली हैं। तो वहीं स्थानीय लोग इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। तीसरी और चौथी लेन को बनाने के लिए 75 करोड़ की लागत से इसका चौड़ीकरण किया जाना है। हालांकि शहर के महापौर भी इसके विरोध में उतर आए हैं। देखना ये होगा कि इस मामले पर सरकार आखिर कैसा रुख अख़्ितयार करती है?
एयरपोर्ट के लिए बनने वाली नई सड़क का शुरू हुआ विरोध
रायपुर।
क्या है पूरा मामला-
राजधानी के एयरपोर्ट वीआईपी रोड के चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर सरकार ने प्रस्ताव बनाया है। करीब 75 करोड़ के इस प्लान में सड़क के दोनों किनारों पर लगे सैकड़ों पेड़ों को काटने की भी तैयारी है। धरमपुरी और नया रायपुर से एयरपोर्ट जाने के लिए दो समानांतर सड़कें होने के बावजूद पेड़ों को काटकर तीसरी सड़क बनाने की सरकार की नीयत पर सवाल उठने लगे हैं
सड़क के दोनों किनारों पर आसमान को चूमते पेड़ों को काट कर एयरपोर्ट रोड को सौ फीट चौड़ा करने का प्रशासन का प्लान है। हालांकि धरमपुरा और नया रायपुर होते हुए पहले ही दो सड़कें सीधे एयरपोर्ट के लिए जाती है, जो फोरलेन होने के साथ काफी चौड़ी भी हैं। बावजूद इसके इस सड़क के चौड़ीकरण से लगता है कि इसका मकसद लोगों को राहत देना कम और बड़े होटलों और कॉर्पोरेट्स को फायदा पहुंचाना ज्यादा है।
सामाजिक संगठन जता चुके ऐतराज -
कई सामाजिक संगठन पहले भी ऐसी कोशिश पर ऐतराज जता चुके हैं, क्योंकि पेड़ कटाई के साथ लोगों को मुआवजा भी देना पड़ेगा।
सरकार ने दो साल पहले पेड़ शिफ्ट कराने वाली एक मशीन भी खरीदी है, मगर अब वो इन पेड़ों पर आरियां चलाने वाली है।
महापौर को भी आपत्ति -
पेड़ों के कटने पर महापौर प्रमोद दुबे को भी आपत्ति है और वे सरकार की नीयत पर भी सवाल उठा रहे हैं। सड़क की खातिर पेड़ काटने के लिए सरकार के चाहे कितने भी दावे हों, मगर विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई की कीमत इसी शहर को चुकानी होगी।

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