EOW का छापे से जल संसाधन के अधिकारी कांपे..! -
चहेतों को बांटे 60 करोड़ के टेंडर और अब रहे हैं डर
वर्ष 2015-16 में अंबिकापुर संभाग मुख्यालय के कुछ अधिकारियों ने अपने -अपने चहेते ठेकेदारों को लगभग 60 करोड़ के 10 टेंडर बांट दिए थे। इसकी भनक ईओडब्ल्यू के अधिकारियों को लग गई। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों के यहां ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने छापे की कार्रवाई की। राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के अरविंद कुजूर ने बताया की इस मामले में जलसंसाधन विभाग के एस.के.पाठक, पी.एस.जांगडे, ओ.पी.चंदेल, यु.एस.राम के नाम सामने आ रहे हैं लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही हकीकत का पता लग सकेगा। इस छापे से कांप अधिकारी भी अब कुछ बोलने को तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
अम्बिकापुर।
क्या है पूरा मामला-
अम्बिकापुर संभाग मुख्यालय में जलसंसाधन विभाग के कार्यालय संभाग क्रमांक-1- और संभाग क्रमांक-2- को राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सील कर दिया था, जिस पर जांच करते हुए जांच दल ने आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए हंै। जब्त दस्तावेजों को जांच के लिए जांच टीम अपने साथ ले जाएगी। विदित हो की इस टीम ने जलसंसाधन विभाग के संभागीय कार्यालय के सभी प्रमुख कक्षों को सील कर दिया था और जांच कर के आवश्यक दस्तावेज तलाश लिए हैं। कुछ ठेकेदारों के द्वारा शिकायत की गई थी की वर्ष 2015-16 में जल संसाधन विभाग द्वारा जारी किये गए लगभग 10 टेंडरों को मनमाने ढंग से नियमों का उलंघन कर के अपने चहेते ठेकेदारों को अधिकारियों द्वारा दिया गया था जिससे लगभग 50-60 करोड के काम का मामला सामने आया है।
क्या कहते हंै अधिकारी-
इस सम्बन्ध में राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के अरविंद कुजूर ने बताया की शिकायत पर जलसंसाधन के सभी कार्यालायों को सील किया गया था और आवश्यक दस्तावेज तलाश लिए गए हैं। इन्होने बताया कि ठेकेदारों के द्वारा शिकायत की गई थी की वर्ष 2015-16 में जारी किये गए टेंडरों में अनियमितता की शिकायत की जांच के लिए यह कार्यवाही की है। श्री कुजूर ने यह भी बताया की इस मामले में जलसंसाधन विभाग के एस.के.पाठक, पी.एस.जांगडे, ओ.पी.चंदेल, यु.एस.राम के नाम सामने आ रहे हैं लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही हकीकत का पता लग सकेगा। बहरहाल श्वह्रङ्ख की टीम की जांच समाचार लिखे जाने तक जारी थी इस मामले में जांच के बाद बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।
-------------------------------------------------------------------------------

Comments