विकास के आकाश पर दमकता छत्तीसगढ़
- आज अपना राज्य 16वां स्थापना दिवस मना रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव का उद्घाटन करने नई राजधानी आए। प्रदेश की 2.55 करोड़ जनता के आस और विश्वास को बढ़ाए। विकास के आकाश पर दमकता छत्तीसगढ़ अपने प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पर्यटन का हब बनता छत्तीसगढ़-
शिक्षा और स्वास्थ्य का हब बन चुका छत्तीसगढ़ अब विश्व पर्यटन और उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री के पर्यावरण की परिकल्पना को लेकर अमेरिका के वाशिंगटन और न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर बनाए गए जंगल सफारी और अत्याधुनिक तकनीक के नायाब नमूने पर बनाए जा रहे अद्भुत शहर को देखने के लिए लोग अब नया रायपुर की ओर का रुख करने पर बाध्य होंगे। जहां की प्रदूषण मुक्त हवा और सत्यसाईं हार्ट हॉस्पिटल में मिलने वाली मुफ्त दवा और कैंसर अनुसंधान के अलावा तमाम इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाने वाले उद्योग बाहर से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं।
अमेरिका की तर्ज पर बनी एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी-
अमेरिका के वाशिंगटन और न्यूयॉर्क में बने सेंट्रल पार्क की तर्ज पर नया रायपुर में 320 हेक्टेयर में जंगल सफारी का निर्माण 2012 में शुरू हुआ था। इसका लोकार्पण भी देश के प्रधानमंत्री करेंगे। सफारी में टाइगर, हिरण, हर्बीवोर और लॉयन सफारी शामिल हैं। सफारी में 131 एकड़ में खंडवा जलाशय फैला हुआ है, जो सफारी की खूबसूरती में चार चांद लगाता है। जलाशय के बीच नेस्टिंग आइलैंड का विकास किया जाना है। जंगल सफारी का निर्माण नया रायपुर के लिए ऑक्सीजन है और इसके निर्माण में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम
इसके साथ ही बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) रायपुर और नया रायपुर के बीच सार्वजनिक परिवहन बेहतर करने के लिए बीआरटीएस का गठन किया गया है। बीआरटीएस में शुरुआत में रायपुर से 2 पिकअप प्वाइंट, नया रायपुर में 10 बस शेल्टर और एक बस डिपो रहेगा। 42 किमी के रूट में बीआरटीएस दिनभर में नया रायपुर और रायपुर के बीच 10 सेवा देगी। बीआरटीएस का विकास विश्व बैंक की 170 करोड़ की सहायता से हुआ है और साथ ही 53 किमी का साइकिल ट्रैक और पैदल पथ का मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट के तहत किया गया है। बीआरटीएस के तहत पहले चररण में 30 एसी बसें संचालित की जाएंगी। बसों में ऑटोमेटेड टिकटिंग जीपीएस कंट्रोल सिस्टम है।
एकात्म पथ की क्या हैं खूबियां?
एकात्म पथ सीबीडी रेलवे स्टेशन और राजधानी परिसर के बीच 2. 25 किमी लबांई और 200 मीटर चौड़ाई का मार्ग मंत्रालय को जोड़ता है। इस मार्ग की खास बात यह है कि दो सड़कों के बीच 100 मीटर चौड़े और 2. 10 किमी लंबे उद्यान का विकास किया गया है। 50 एकड़ के इस उद्यान में 6 हजार से अधिक वृक्ष और 23 हजार पौधे लगाए गए हैं। उद्यान में 1 लाख 13 हजार वर्ग मीटर घास लगाई गई है और 11 विभिन्न फव्वारे हैं। एकात्म पथ में खैरागढ़ के चित्रकारों ने मधुबनी, वरली, संथाल, गोंड, बांगला तथा बस्तर शैली में जीवन के विभिन्न अवसरों को उकेरा है। इसका निर्माण 30 करोड़ की लागत से हुआ है।
14 टन की है पंडित दीन दयाल की उपाध्याय प्रतिमा
पंडित दीन दयाल की उपाध्याय यह प्रतिमा 15 फीट संगमरमर की अखंड प्रतिमा है, जो जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पी अर्जुन प्रजापति ने बनाई है। इस प्रतिमा का वजन 14 टन है। प्रतिमा जहां स्थापित की गई है वो स्थल नया रायपुर का हृदय है और मंत्रालय के पास है।
सौर सुजला योजना का होगा शुभारंभ-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को रायपुर से भारत के करोड़ों किसानों के लिए सौर सुजला योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना को छत्तीसगढ़ सरकार ने तैयार किया है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश स्तर पर लागू करेंगे। इस योजना के तहत जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं है वहां के किसानों को सौर ऊर्जा पम्प से सिंचाई की सुविधा दी जाएगी सौर सुजला योजना के तहत हितग्राहियों का चयन कृषि विभाग के तहत किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने योजना के तहत 2016 और 17 में 11 हजार सौर ऊर्जा पम्प स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत हितग्राहियों के खेतों में 3 एचपी और 5 एचपी के सौर ऊर्जा पंप क्रेडा द्वारा स्थापित किए जाएंगे। राज्य और केंद्र शासन की ओर से सौर सिंचाई पम्प लगाने पर 283. 28 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। 3 एचपी पम्प लगाने के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति के हितग्राहियों के लिए मात्र 7000 रुपए और अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 12000 रुपए एवं समान्य वर्ग के लिए 18000 अंशदान निर्धारित किया गया है। वहीं 5 एचपी पम्प लगाने के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति के हितग्राहियों के लिए मात्र 10000 रुपए, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15000 रुपए और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 20000 रुपए का अंशदान निर्धारित किया गया है।
कोरबा के किसानों को मिलेगी चीनी मिल-
बहुत जल्दी ही कोरबा में चौथी चीनी मिल खुलने जा रही है। शक्कर कारखाने की दैनिक पेराई क्षमता 2500 टी.सी.डी. होगी तथा 2500 टी.सी.डी. के साथ ही बगास बेस 14 मेगावाट को-जनरेशन पॉवर प्लांट (बिजली संयंत्र) भी स्थापित हो रहा है।
यह कारखाना इस इलाके के किसानों, खास तौर पर गन्ना उत्पादक किसानों के जीवन में बदलाव लायेगा, इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पण्डरिया का यह इलाका गन्ना उत्पादक क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता है। शक्कर कारखाना यहां के किसानों की पुरानी मांग थी। पिछले साल दिसम्बर में कारखाने का शिलान्यास किया गया था और अब यह पूर्णता की ओर है।
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