आतंकवाद को चीते का चांटा




पाकिस्तानी आतंकवादियों के उत्पात और चीनी सैनिकों की जबरदस्ती से निपटने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद गुप्त योजना को मंजूरी दे दी। इसपर काफी तेजी से काम चल रहा है। इसका नाम है प्रोजेक्ट चीता। इसमें दस हजार करोड़ की लागत आने का अनुमान है। तो वहीं  2650 करोड़ रुपए से देश में ही इजरायल और अमेरिका की मदद से अत्याधुनिक ड्रोन्स का निर्माण किया जा रहा है। तो वहीं भारत ने अमेरिका से प्रीडेटर ड्रोन खरीदने का सौदा भी कर लिया है। इजरायल के हेरोन का लेटेस्ट वर्जन वाला ड्रोन खरीदा जाएगा। ये एक काम्बैट ड्रोन है इसको डीआरडीओ के वैज्ञानिक घातक मिसाइलों से लैस करेंगे।  ये पाकिस्तान के आकाश में 50 हजार फुट की ऊंचाई पर घंटों मंडराने के बाद अपने लक्ष्य पर ऐसा अचूक प्रहार करेंगे कि उसका निशान भी खोजने पर मिलना मुश्किल होगा। प्रीडेटर को अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ कहा जाता है। यही वो ड्रोन है जिसको न तो कोई पकड़ सकता है और न ही देख सकता है। इसका पता तो तब चलता है जब अचानक कहीं तबाही हो जाती है। ये अपने दुश्मनों को न सिर्फ खोजता है बल्कि पूरा य$कीन हो जाने के बाद ही उन पर कारगर वार करता है। भारतीय वायुसेना भी जल्दी ही ऐसे ही विमानों से लैस होने जा रही है। ये विमान एक बार की उड़ान भरने के बाद 36 घंटे तक किसी की निगरानी कर सकते हैं। कंट्रोल रूम में बैठा पॉयलेट अपने दुश्मनों के हर मूवमेंट की जानकारी लेने के बाद ही उन पर वार करता है। यदि दुश्मन छिपा भी है तो चिंता की कोई बात नहीं कभी तो वो उस जगह से बाहर निकलेगा। जैसे ही बाहर आया कि उसका काम तमाम। इसकी मदद से हमें एक ओर जहां हमारी सीमाओं पर आए दिन होने वाली घुसपैठ से छुटकारा मिलेगा वहीं पाक अधिकृत कश्मीर में चलने वाले आतंकियों के अड्डों का विनाश भी आसानी से किया जा सकेगा। आतंक के आकाओं को अब लगने लगा है कि अब पाकिस्तान में उनकी दुकानें ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं हैं। इस परियोजना पर बेहद ही सावधानी के साथ काम चल रहा है। तीन साल पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे तो उन्होंने ही इसका सौदा किया था। डीआरडीओ के वैज्ञानिक अब इसको जल्दी ही धरातल पर लाने के लिए जीतोड़ कोशिश करने में लगे हैं। वैसे भी सीमाओं की परिस्थितियों को देखते हुए ऐसे विमानों की जरूरत भी भारत में महसूस की जा रही है। आतंकवाद की लड़ाई में ये प्रधानमंत्री का चीता देश के लिए काफी उपयोगी सिध्द होने वाला है। इसमें सबसे खुशी की बात तो ये होगी कि इसको दुश्मनों से खतरा भी महज नाममात्र का होगा। जब कि ये दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर देगा।

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