मोदी का चीता जिससे कोई नहीं जीता
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सीरियल सर्जिकल स्ट्राइक करने के मूड में आ चुके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की वायु सेना के तरकश में घातक तीर डालने की तैयारी कर ली है। इसका नाम है चीता। ये मोदी का वो चीता है जिससे आज तक कोई नहीं जीता। ईराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान से लेकर सीरिया तक जिसने आतंकवादियों पर कहर ढाया है। ये घातक ड्रोन्स का वो दस्ता होगा जो पलक झपकते ही आतंकवादियों की हालत खस्ता कर देगा। इसके प्रहार से बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा। आसमान में मंडराती ये मौत कब किस आतंकवादी कैंप पर कहर बनकर टूटेगी कोई नहीं जान पाएगा। और देश अपने जांबाज सैनिकों को भी नहीं गंवाएगा, क्योंकि इसका संचालन कंट्रोल रूम में बैठे दो सैनिक बखूबी करेंगे।
चौबीसों घंटे आतंकियों के सिर पर मंडराएगी मौत, बचना होगा नामुमकिन, नहीं होगा भारत का कोई सैनिक शहीद
नई दिल्ली (एनबी न्यूज)।
पाकिस्तान की नापाक हरकतों से आजिज़ आ चुका देश अब एक बार फिर अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर देख रहा है। तो भारतीय वायुसेना ने बड़े ही गुप्त तरीके से प्रोजेक्ट चीता के तहत घातक ड्रोन्स का एक दस्ता तैयार करने जा रहा है। इसमें अमेरिका के प्रीडेटर और इजरायल के काम्बैट ड्रोन के साथ ही साथ डीआरडीओ का आरा भी शामिल बताया जा रहा है।
क्या है प्रोजेक्ट चीता-
देश की वायुसेना को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार करोड़ की लागत से इस परियोजना की शुरुआत की है। इसके लिए 2650 करोड़ रुपए जारी भी किए जा चुके हैं। इसपर काम शुरू हो चुका है। इसके तहत एक ओर जहां अमेरिका से उसके घातक ड्रोन प्रीडेटर खरीदे जाएंगे तो वहीं इजरायल के काम्बैट ड्रोन्स को भारत में बनाया जाएगा। इनको डीआरडीओ के तहत घातक मिसाइलों से लैस किया जाएगा।
क्या है प्रीडेटर ड्रोन की क्षमता-
अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाने वाला प्रीडेटर ड्रोन वायुसेना का वो घातक हथियार है। जिसके उडऩे भर से ही आतंकियों की रूह कांप जाती है। स्टेल्थ तकनीक से लैस ये विमान 50 हजार फुट की ऊंचाई पर लगातार 36 घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसकी रफ्तार 740 किलोमीटर प्रति घंटे होती है। इसकी सबसे अहम खूबी ये है कि ये अपने टॉरगेट को पहले अच्छी तरह से परखता है। उसके बाद जब पक्का य$कीन हो जाता है कि हां यही टॉरगेट है तथी उसको ध्वस्त करता है।
अभी तक मार चुका है 2500 से ज्यादा आतंकवादी-
ये मोदी की वायुसेना का वो घातक चीता है जिसने अब तक 2500 से ज्यादा आतंकवादियों को मौत की नींद सुलाया है। यही कारण है कि आकाश में इसकी गर्जना सुनने भर से आतंकवादियों के आ$काओं के कान खड़े हो जाते हैं, तो वहीं चीन जैसे मक्कार देश के सैनिक भी भारतीय सीमाओं की ओर का रुख करने से पहले आठ बार सोचेंगे।
आईएआई करेगी मदद-
इस पूरे प्रोजेक्ट में भारतीय वैज्ञानिकों की इजरायली वायुसेना की टीम आईएआई मदद करेगी। दोनों ही देशों की मदद से इजरायली ड्रोन्स में घातक मिसाइलें लगाई जाएंगी।
आरा होगा सबसे खतरनाक ड्रोन-
डीआरडीओ आरा नामक एक घातक ड्रोन बना रही है। इसकी संहारक क्षमता न सिर्फ घातक होगी बल्कि ये दूसरे ड्रोन्स की अपेक्षा ज्यादा दूरी तक वार करने और दुश्मन के रडार और दूसरे सर्विलांस को चकमा देने में उस्ताद होगा। इसमें घातक मिसाइलें लगा देने के बाद तो इसकी क्षमता और भी ज्यादा हो जाएगी। इसका ढांचा अमेरिका के सबसे घातक लड़ाकू विमान एबी-2 स्प्रिट स्टेल्थ से मिलता -जुलता है। जानकारों का तो ये भी दावा है कि इसकी काट अभी पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के पास भी नहीं है।



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