वर्दी की इस हमदर्दी को हमारा सलाम










अभी तक आपने रौबदार पुलिस के खौफनाक तौर-तरीकों को देखा होगा। उनके प्रति आपके भी मन में न$फरत भरी होगी, मगर आज हम आपका तारू$फ छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे पुलिस वालों से करवाएंगे कि आप भी वर्दी की इस हमदर्दी को सलाम किए बिना नहीं रह सकेंगे। जी हां कोरबा जिले के बालकोनगर थाने के प्रभारी यदुमणि सिदार की उदारता की कहानी है ये। इन्होंने अपनी टीम के साथ गश्त करते हुए सड़क पर कचरे के बीच खाना खा रहे एक अर्ध विक्षिप्त को देखा और उसको थाने ले आए। सामुदायिक पुलिसिंग का नायाब नमूना पेश करते हुए उनकी टीम के जवानों ने उसको शैंपू लगाकर न सिर्फ नहलाया, बल्कि उसकी शेविंग करवाई और नए कपड़े पहना कर खाना खिलाया और फिर उसको अस्पताल में भर्ती करवा दिया। यहां उसकी हालत में सुधार बताया जाता है।
ऐसे पुलिस वालों ने बचा रखी है खा$की की लाज
कोरबा।

थाना प्रभारी कर रहे नर सेवा -
नर सेवा, नारायण सेवा, कुछ इसी तर्ज पर चलने की कोशिश कर रही है छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की पुलिस। एसपी डी. श्रवण के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे सामुदायिक पुलिसिंग का असर अब दिखने लगा है। इसी के तहत बालकोनगर थाना प्रभारी यदुमणि सिदार भी अपनी कार्यप्रणाली से लोगों की वाहवाही लूट रहे हैं। ताजा मामला एक अर्ध विक्षिप्त व्यक्ति की सेवा का सामने आया है।

और...राजेश बन गया जेंटलमैन -
बालकोनगर थानाक्षेत्र में अर्ध विक्षिप्त अवस्था में इधर-उधर भटकने वाले राजेश टंडन के बारे में जैसे ही थानाप्रभारी को सूचना मिली उन्होंने अपने मातहत पुलिसकर्मियों को भेजकर उसे थाने बुलवा लिया। यहां पुलिस कर्मियों ने सहृदयता दिखाते हुए पहले राजेश को शैंपू लगाकर इत्मिनान से नहलाया। नाई बुलाकर उसके बाल व दाढ़ी की सफाई कराई गई और नए कपड़े पहनाए गये। बाद में पुलिस ने उसे भोजन कराया और जिला अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उसे मेंटल हास्पिटल भेजने की सलाह दी। इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट में प्रतिवेदन पेश किया और वहां से आदेश मिलते ही उसे मेंटल अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया।

कचरे से भोजन करता देख दु:खी हुए थानाध्यक्ष-
स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार में गश्त के दौरान थाना प्रभारी यदुमणि सिदार ने राजेश टंडन को कचरे में से भोजन बीन कर खाते देखा था। इस दृश्य ने थाना प्रभारी को झंकझोरकर रख दिया। इसके बाद अपनी फर्ज को लेकर संजीदा हुई बालकोनगर पुलिस ने तय किया कि कैसे भी कर के राजेश को मुकम्मल इलाज मिल सके। तय नियमों के तहत पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया और राजेश का गेटअप चेंज करते हुए उसे मानसिक चिकित्सालय तक पहुंचाया।

दिखने लगा राजेश में सुधार -
बालकोनगर पुलिस द्वारा अर्ध विक्षिप्त की सेवा किए जाने के बाद तत्काल ही उसके व्यवहार में सुधार भी दिखने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमेशा खामोश रहने वाला यह अर्ध विक्षिप्त नहलाते-धुलाते ही मुस्कुराने लगा। पुलिसवालों ने जब प्रेम से उसे खाना खिलाया और उसके बारे में पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम राजेश टंडन बताया। साथ ही राजेश ने अपने गांव का पता मुंगेली बताया। अब पुलिस टीम उसके नाम-पते की तस्दीक करने में जुट गई है।
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