यहां न डॉक्टर सुनते हैं न सरकार
लोग कहते हैं कि गरीबी एक अभिशाप है। ये बात बुधवार को अंबिकापुर के पुलिस मर्ग में उस वक्त देखने को मिली, जब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई डॉक्टर गरीब महिला का पोस्टमार्टम करने नहीं आया। गम में डूबे लोग बिना ऊबे मच्र्युरी के सामने बैठे रहे और सरकारी अधिकारी लापता। यानि यहां गरीबों की न तो डॉक्टर सुनते हैं और न सरकार? एक ही रास्ता है करते रहिए इंतजार? सवाल उठता है कि आखिर कब तक?
चौबीस घंटे से गरीब कर रहे पोस्टमार्टम का इंतजार
अम्बिकापुर।
क्या है पूरा मामला-
जानकारी के अनुसार गांधीनगर थाना अंतर्गत ग्राम सरगवां क्षेत्र के आमा पतरापारा निवासी सोनामणी पति अमरसाय चेरवा उम्र 40 वर्ष ने बुधवार की सुबह अत्याधिक शराब पी थी। नशे की हालत में उसने कीटनाशक भी सेवन कर लिया था। परिजन उसे मिशन अस्पताल ले गये, परंतु रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिसिया कार्रवाई के बाद महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिये मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया। चिकित्सक के नहीं मिलने से शव को पूरी रात मरच्यूरी में रखा गया। गुरुवार को सुबह भी परिजन दोपहर 2 बजे तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे। इस असुविधा से परिजनों को खासा परेशान होना पड़ा। ऐसे में सवाल तो यही है कि आखिर गरीबों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है? इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं दिखाई दे रहा है।
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