सफारी में शेर और बाघ

खटर-पटर

निखट्टू-
संतों.... कल छत्तीसगढ़ की नई राजधानी में नई बात देखने को मिली। जब मां भारती के बब्बर शेर के साथ छत्तीसगढ़ महतारी का बघवा एक साथ जंगल सफारी का लोकार्पण करने पहुंचे। तो इनको पिंजरे में देखने के लिए एक जंगल का बाघ आ पहुंचा। ऐसे में बब्बर शेर कहां चूकने वाला था निकाला कैमरा और हो गए चालू। जंगली बाघ भी कम नहीं था, वो भी किसी फिल्मी मॉडल की तरह लगा पोज देने। बड़ी देर तक ये क्रम चलता रहा। समय को देखते हुए मां भारती के बब्बर शेर ने कहा अब देर हो रही है, नहीं तो अभी दस बीस फोटो और ले लेते। दोनों फिर बैटरी वाली कार में बैठकर राज्योत्सव की ओर चले गए । तो लोग ये भी खुसुर-पुसुर कर रहे हैं कि वो जंगली बाघ प्रधानमंत्री मोदी से पूछ रहा था कि आखिर सर्जिकल स्ट्राइक कैसे करते हैं? तो छत्तीसगढ़ महतारी के बघवा ने उसको डांट दिया कि तुम ये जानकर क्या करोगे? तुमको कौन सा अबूझमाड़ में शिकार खोजना है? राज्य के कई घाघ इस बब्बर शेर और बाघ की चर्चा गरम किए पड़े हैं। तो कुछ इस पर भी दिमाग खर्चा कर रहे हैं। वैसे मानो या न मानो जंगल सफारी वाले बघवा की तो तूती बोलने लगी। अरे जब देश का सबसे ताकतवर इंसान उसकी फोटो खींच रहा हो। वो भी पूरे दल-बल के साथ? वैसे छत्तीसगढ़ महतारी का ये बघवा भी कम नहीं है। बब्बर शेर पाकिस्तान के आतंकवादियों को पीट और घसीट रहा है, तो छत्तीसगढ़ महतारी का बघवा लाल आतंक का काल बना हुआ है। बस्तर से उनका बोरिया-बिस्तर बांध कर ही दम लेंगे लगता है। वैसे भी अब प्रदेश में माओवाद आखिरी सांसें गिन रहा है।  ये इस शेर और बाघ की जोड़ी का ही नतीजा है कि राज्य में विकास का रथ तेजी से दौड़ रहा है। तमाम बड़े शैक्षणिक संस्थानों से लेकर बड़े-बड़े अस्पताल और अनुसंधान केंद्र खुलते जा रहे हैं। इनकी मदद से हम अपने बच्चों का भविष्य संवार सकते हैं। राज्य के युवा आज दुनिया के तमाम देशों के अलावा इसरो और भाभा अनुसंधान केंद्र जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। तो वहीं मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना के तहत अनट्रेंड युवकों को ट्रेंड बनाया जा रहा है। उनको तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण देकर रोजगार करने लायक बनाया जा रहा है। इसके कारण तमाम परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आया है। जिनको प्रशिक्षण दिया गया इनमें अधिकांश लोग बैगा बताए जाते हैं। ऐसे में एक आदिवासी ने तो यहां तक कह दिया कि निखट्टू जी बन, बैगा, बघवा तीनों एकैच। अर्थात वन, बैगा और बघवा तीनों एक ही हैं। यानि ये एक दूसरे के संपूरक हैं। यही वो जमीं है जहां के जंगलों में मोगली यानि छत्तीसगढ़ के चेदरू राम जैसे लोग भी पैदा हुए हैं। जो बाघों के साथ खेलते थे। उनके घर में जंगली बाघ आकर सो जाया करते थे। उन्हीं के चरित्र पर टीवी का सीरियल मोगली भी बना है। जिसको पूरी दुनिया में सराहना मिली थी। अब बब्बर शेर तो वायुसेना के विशेष विमान से चले गए नई दिल्ली। इधर साहब भाई की घूम गई पता नहीं कौन सी किल्ली...। कह रहे हैं कि मेरे भाय... बब्बर शेर गया दिल्ली और बघवा रायपुर गया आय... तो तुम काये को फोकट मेें कर रहेला है फांय-फांय......... काफी समय हो रहा है सर...अब धीरे से निकल लो अपने घर...कल फिर मुलाकात होगी तब तक के लिए जै...जै।

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