विकास का नया गढ़ छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ आज अपना 16 वां स्थापना दिवस मना रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव का उद्घाटन करने आए। ये राज्य के 2.55 करोड़ नागरिकों के लिए गौरव की बात है। इस राज्य ने 16 सालों के अल्प समय में जो विकास किया है, नि:संदेह वे अतुलनीय हैं। शून्य से शिखर की ओर तेजी से बढ़ता छत्तीसगढ़ आज उद्योगों,शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यटन का हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। नया रायपुर में बनी एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी को अमेरिका के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर बनाया गया है। तो वहीं दुनिया के अत्याधुनिक शहरों में शुमार होने वाले नया रायपुर को देखने आज भी दुनिया के तमाम देशों के लोग आते हैं। अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के कुछ नेता तो इसका नक् शा भी अपने देश ले गए हैं। वहां उनकी भी इच्छा नया रायपुर के मॉडल की तर्ज पर नया शहर बसाने की है। यहां आवागमन के लिए जहां एक ओर चौड़ी सड़कें बनाई गई हैं तो वहीं यहां ट्रिपल आईटी, सत्यसाईं अस्पतला, एम्स की कैंसर यूनिट जैसे उच्च कोटि के अस्पताल हैं। जहां मरीजों को बेहतरीन इलाज की सुविधाएं मिल रही हैं। किसानों की जेब को अब न लगे बिजली के बिल का झटका इसलिए प्रधानमंत्री ने दी सौर सुजला योजना की सौगात। इसके तहत एक मामूली सी रकम के बदले किसानों को सौर ऊर्जा से चालित पंप दिए जाने की घोषणा की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में राज्य कुपोषण और नक्सलवाद जैसी समस्याओं की नकेल कसने में कामयाब हुआ है। छत्तीसगढ़ से नक्सलवादियों के पांव उखड़ चुके हैं। वे अब सीमावर्ती राज्यों में अपनी पनाहगाह बनाकर बैठे हैं तो वहीं हमारी सुरक्षाबलों के जवानों के रण कौशल के चलते अब उनकी हिम्मत पस्त हो चुकी है। यही कारण है थोक में माओवादी आत्म समर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
जिस राज्य में पहले कुछ भी नहीं बनता था आज उसी राज्य में फार्मूला वन कार के कलपुर्जे तक बनने लगे हैं। भिलाई स्टील प्लांट का स्टील हमारे युध्दपोतों तक में लगाया जा रहा है। तो वहीं इसी संयंत्र का स्टील हमारे निर्माणाधीन देश के सबसे विशाल एअरक्रॉफ्ट कैरियर शिप में भी लगाया जा रहा है। जड़ी-बूटियों और खनिज संपदा से भरपूर राज्य होने का फायदा भी अब आम लोगों को मिलने लगा है। कृषि अनुसंधान के साथ -साथ तकनीकी क्षेत्र में राज्य तेजी से तरक्की कर रहा है। हमारे राज्य के तमाम वैज्ञानिक मंगल मिशन से लेकर तमाम बड़े मिशनों में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रदेश के विश्व विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ड्रोन बनाने तक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तो वहीं फाइटर जेट के इंजन की मरम्मत करना भी यहां के बच्चों को सिखाया जा रहा है। ऐसे में अगर कुछ विसंगतियों को छोड़ दिया जाए तो छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के शिखर की ओर बढ़ता जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाला समय राज्य की 2.55 करोड़ जनता के लिए और भी ज्यादा खुशियां लेकर आएगा...जय भारत, जय छत्तीसगढ़।
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